पेन और कागज का चमत्कार, ऐसे मिला 12 साल पहले गुम हुआ कारोबारी...घरवाले भी झूम उठे
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12 साल पहले गुम हुए छत्तीसगढ़ के कारोबारी के साथ चमत्कार हुआ। कागज और पेन की मदद से वह अपने परिजनों से जा मिला। यह सबकुछ अचानक हुआ। लापता कारोबारी सिनेमा हॉल का मालिक है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ से 12 साल पहले मानसिक संतुलन खोने के बाद उपचार के लिए दिल्ली आया एक बड़ा कारोबारी अपने परिजनों से बिछड़ गया था। वह नौ साल पहले सोनीपत में विशेष बच्चों का स्कूल चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र अग्रवाल के संपर्क में आया था। उन्होंने न केवल उन्हें नौ साल तक भोजन दिया, बल्कि आश्रय भी दिया।
एक सप्ताह पहले जब व्यक्ति ने कागज पेन लेकर छत्तीसगढ़ के शहर का पता उस पर लिखा तो जितेंद्र अग्रवाल ने उस पते के बारे में जानकारी जुटाई। जिससे वह कारोबारी के परिजनों का पता लगाने में सफल रहे। उनके परिजनों का पता निकालने के बाद शुक्रवार को उन्होंने कारोबारी को परिजनों से मिलवा दिया है।
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ निवासी मुरलीधर अग्रवाल सिनेमाघर के मालिक हैं। उन्हें करीब 12 साल पहले बहनोई के साथ साझे में सिनेमाघर चलाने के दौरान व्यापार में घाटा हो गया था। जिसके चलते वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे थे। जिस पर परिजन उन्हें 12 साल पहले उपचार के लिए दिल्ली के अस्पताल में लेकर आए थे।
वहां दिल्ली रेलवे स्टेशन से ही मुरलीधर अग्रवाल गुम हो गए थे। बाद में करीब 9 साल पहले सड़क पर घूमते हुए मानसिक रूप से विक्षिप्त मुरलीधर अग्रवाल सोनीपत में विशेष बच्चों का कोशिश स्कूल चलाने वाले कोशिश चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन जितेंद्र अग्रवाल को मिल गए थे। उन्होंने उसके आश्रय व खानपान का प्रबंध कर दिया।
कागज पेन दिया तो लिख दिया अपने घर का पता
जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले मुरलीधर के पास गए तो उसे कागज पेन दे दिया। जिसे लेकर व्यक्ति ने उस पर एक पता लिख दिया। जब जितेंद्र ने अपने एक पहचान वाले के माध्यम से उस पते पर संपर्क किया तो पता लगा कि उस परिवार का सदस्य 12 साल पहले दिल्ली में उनसे बिछुड़ गया था।
फोटो सोशल मीडिया पर दिखाया तो वह पहचान गए। उन्होंने व्यक्ति की पहचान मुरलीधर अग्रवाल के रूप में दी। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ से मुरलीधर का दामाद भूपेंद्र कुमार और नाती शिवम सिंघल उन्हें लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुरलीधर के परिवार में तीन बेटी व एक बेटा है। उन्होंने जितेंद्र अग्रवाल का इसके लिए आभार जताया।