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Chandigarh News: गेहूं सरसों के बंपर उत्पादन, 63.49 लाख एमटी गेहूं से अटीं मंडियां, 28 लाख एमटी का ही उठान
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-रविवार को खरीद रही बंद, हुआ केवल उठान, फिर भी नहीं सुधरे हालात
10.43 लाख एमटी सरसों आईं, 9.53 लाख एमटी की हो चुकी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा गेहूं और सरसों की फसल की बंपर आवक से मंडियां अट गई हैं। अब तक 63.49 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है जबकि 10.43 लाख एमटी सरसों आई है। 59.89 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, सबसे ज्यादा 29.11 लाख टन गेहूं हैफेड ने खरीदी है। जबकि सरसों की बात करें तो 9.53 लाख एमटी की खरीद हो चुकी है। रविवार को प्रदेशभर की मंडियों में खरीद बंद रखी गई, केवल उठान का कार्य किया गया। अब तक मंडियों से (45 फीसदी) 28 लाख एमटी गेहूं का ही उठान हो गया है। रविवार को दिनभर उठान होने से मंडियों में व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ, लेकिन मंडियों के साथ साथ सड़कों पर भी फसलों की ढेरियां लगी हुई हैं। अधिक आवक होने से मंडियों में व्यवस्था चरमाई हुई है। अभी मंडियों में खासकर करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, फतेहाबाद, जींद, कैथल और सिरसा की मंडियां पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। किसानों को मंडियों में गेहूं उतारने की जगह नहीं मिल रही है, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें सड़कों के किनारे अपना गेहूं उतारना पड़ रहा है। कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के तीनों किनारों पर गेहूं की खरीद हो रही है। बता दें कि मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने मंडियों में फैली अव्यवस्था और धीमे उठान पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिला उपायुक्तों को फटकार लगाई थी और रविवार को खरीद बंद कर उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। पहले 21 अप्रैल रविवार को मंडियों में फसलों की खरीद नहीं हुई तो इस बार 28 अप्रैल को भी खरीद बंद रही है।
बाक्स
उठान और बारदाने की कोई व्यवस्था नहीं : गर्ग
व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा कि गेहूं व सरसों की खरीद शुरू करने से पहले अनाज उठान व बारदाने की व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण आज किसान मंडियों में फसल बेचने के लिए धक्के खा रहे हैं। फसलों के उठान में देरी से किसानों को भुगतान भी नहीं हो पा रहा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बाक्स
जिला
गेहूं की खरीद
सरसों की खरीद
अंबाला
221,565
3,644
भिवानी
91,904
252,189
चरखी-दादरी
20,018
29742
फरीदाबाद
93,453
643
फतेहाबाद
515,885
14794
गुरुग्राम
47,557
19990
हिसार
378,785
90,126
झज्जर
144,039
51,193
जींद
619,652
8,437
कैथल
635,407
2,171
करनाल
704,425
5,601
कुरुक्षेत्र
512,999
3417
महेंद्रगढ़
10,439
59614
नूंह
40,079
33,763
पलवल
202,061
2,233
पंचकूला
30,985
729
पानीपत
246,104
4,815
रेवाड़ी
22,656
88,996
रोहतक
221,493
24,718
सिरसा
644,917
133,841
सोनीपत
358,477
7,691
यमुनानगर
226,398
781
(नोट खरीद का आंकड़ा टन में है)
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10.43 लाख एमटी सरसों आईं, 9.53 लाख एमटी की हो चुकी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा गेहूं और सरसों की फसल की बंपर आवक से मंडियां अट गई हैं। अब तक 63.49 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है जबकि 10.43 लाख एमटी सरसों आई है। 59.89 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, सबसे ज्यादा 29.11 लाख टन गेहूं हैफेड ने खरीदी है। जबकि सरसों की बात करें तो 9.53 लाख एमटी की खरीद हो चुकी है। रविवार को प्रदेशभर की मंडियों में खरीद बंद रखी गई, केवल उठान का कार्य किया गया। अब तक मंडियों से (45 फीसदी) 28 लाख एमटी गेहूं का ही उठान हो गया है। रविवार को दिनभर उठान होने से मंडियों में व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ, लेकिन मंडियों के साथ साथ सड़कों पर भी फसलों की ढेरियां लगी हुई हैं। अधिक आवक होने से मंडियों में व्यवस्था चरमाई हुई है। अभी मंडियों में खासकर करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, फतेहाबाद, जींद, कैथल और सिरसा की मंडियां पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। किसानों को मंडियों में गेहूं उतारने की जगह नहीं मिल रही है, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें सड़कों के किनारे अपना गेहूं उतारना पड़ रहा है। कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के तीनों किनारों पर गेहूं की खरीद हो रही है। बता दें कि मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने मंडियों में फैली अव्यवस्था और धीमे उठान पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिला उपायुक्तों को फटकार लगाई थी और रविवार को खरीद बंद कर उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। पहले 21 अप्रैल रविवार को मंडियों में फसलों की खरीद नहीं हुई तो इस बार 28 अप्रैल को भी खरीद बंद रही है।
बाक्स
उठान और बारदाने की कोई व्यवस्था नहीं : गर्ग
व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा कि गेहूं व सरसों की खरीद शुरू करने से पहले अनाज उठान व बारदाने की व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण आज किसान मंडियों में फसल बेचने के लिए धक्के खा रहे हैं। फसलों के उठान में देरी से किसानों को भुगतान भी नहीं हो पा रहा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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जिला
गेहूं की खरीद
सरसों की खरीद
अंबाला
221,565
3,644
भिवानी
91,904
252,189
चरखी-दादरी
20,018
29742
फरीदाबाद
93,453
643
फतेहाबाद
515,885
14794
गुरुग्राम
47,557
19990
हिसार
378,785
90,126
झज्जर
144,039
51,193
जींद
619,652
8,437
कैथल
635,407
2,171
करनाल
704,425
5,601
कुरुक्षेत्र
512,999
3417
महेंद्रगढ़
10,439
59614
नूंह
40,079
33,763
पलवल
202,061
2,233
पंचकूला
30,985
729
पानीपत
246,104
4,815
रेवाड़ी
22,656
88,996
रोहतक
221,493
24,718
सिरसा
644,917
133,841
सोनीपत
358,477
7,691
यमुनानगर
226,398
781
(नोट खरीद का आंकड़ा टन में है)