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Chandigarh News: 65 डिग्री से ऊपर तापमान जाते ही फूटेगा बल्ब, बुझेगी आज

Sun, 28 Jan 2024 04:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 04:16 AM IST
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Bulb will burst as soon as temperature goes above 65 degrees, will extinguish today
चंडीगढ़। पीजीआई के बैटरी बैकअप रूम में जैसे ही टेंपरेचर 65 डिग्री से ऊपर पहुंचेगा, वहां बल्ब फूटेगा और इश्टिंग्विशर से ढेर सारा पाउडर निकलकर आग बुझा देगा। पीजीआई प्रशासन ने अत्याधुनिक तकनीक से काम करने वाले ऐसे मॉड्यूलर फायर इश्टिंग्विशर की खरीद कर ली है। इसे सभी बैटरी बैकअप रूम में लगाया जा चुका है। क्योंकि पीजीआई में सबसे ज्यादा खतरा बैटरी बैकअप रूम में ही शॉर्ट सर्किट से आग लगने का रहा है। इसके साथ अन्य क्षेत्रों में आग से बचाव की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1550 सामान्य इश्टिंग्विशर की खरीद का भी ऑर्डर दे दिया गया है। आगामी कुछ ही दिनों में उसकी आपूर्ति हो जाएगी।
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बता दें कि पीजीआई के नेहरू अस्पताल में बीते साल अक्तूबर महीने में लगी भीषण आग के दौरान एक के बाद एक कई कमियां सामने आई थीं। उन कमियों को दूर करने के लिए पीजीआई प्रशासन लगातार बदलाव कर रहा है। बदलाव की कड़ी में आग पर काबू पाने के लिए इन उपकरणों की खरीद की गई है, ताकि आपातकाल में स्थिति को गंभीर होने से पहले ही काबू में कर लिया जाए।
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बॉक्स

फिर धुएं से नहीं घुटेगा दम

नेहरू अस्पताल में लगी आग के दौरान धुएं के बीच दम घुटने लगा तो लोगों ने बचाव के लिए सारी खिड़कियां तोड़ डाली थीं। इस स्थिति से बचाव के लिए पीजीआई प्रशासन ने स्मोक एग्जॉस्ट ब्लोवर की खरीद की है। इस ब्लोअर की खासियत यह है कि फोल्डेबल और पोर्टेबल होने के कारण यह किसी भी स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है। इससे चंद मिनटों में धुएं के गुबार को बाहर निकाला जा सकता है। पीजीआई प्रशासन ने पांच स्मोक एग्जॉस्ट ब्लोअर खरीदे हैं।
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इनसेट-

नौ अक्तूबर को लगी थी भीषण आग

बता दें कि पीजीआई के नेहरू अस्पताल में नौ अक्तूबर की रात लगभग 11:40 बजे बैटरी बैकअप रूम में हुए शॉर्ट-सर्किट के कारण भयंकर आग लगी थी। इसमें देखते ही देखते पांचवीं मंजिल तक आग फैल गई थी। उस दौरान पीजीआई के डॉक्टरों, सुरक्षाकर्मियों व अन्य कर्मचारियों ने मिलकर 400 से ज्यादा भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला था। उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक इश्टिंग्विशर और अन्य मशीनों की खरीद की गई है।



कोट-
पीजीआई के पुराने भवनों में आग से बचाव के मानकों का शत-प्रतिशत पालन संभव नहीं हो पा रहा है। फिर भी उसे ज्यादा से ज्यादा लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से आग लगने पर चंद मिनटों में काबू पाया जा सके या फिर आग लगने की स्थिति न उत्पन्न हो सके। इसी कड़ी में मॉड्यूलर इश्टिंग्विशर और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं।

-प्रो. विवेक लाल, निदेशक पीजीआई
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