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तीन साल से नहीं पास हो रहे हैं बिल्डिंग प्लान
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Nov 2013 09:28 AM IST
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फेडरेशन ऑफ वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अध्यक्ष भाटिया के नेतृत्व में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के चेयरमैन सत्यगोपाल से मुलाकात की और लोगों को आ रही समस्याओं को उनके सामने रखा।
इस दौरान सांसद पवन कुमार बंसल के पुत्र मनीष बंसल भी प्रतिनिधिमंडल के साथ गए। सीएचबी चेयरमैन को बताया गया कि सीएचबी के इंडिपेंडेंट मकानों में रहने वाले कई लोगों के बिल्डिंग प्लान को तीन साल से मंजूरी नहीं दी गई है।
इससे उन लोगों को दिक्कत आ रही है, जिन्होंने अपने मकानों में पहली या दूसरी मंजिल का निर्माण कराना है। सीएचबी ने बिल्डिंग प्लान को पास करने की फीस में संशोधन किया है।
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इस वजह से कई लोगों के बिल्डिंग प्लान अटके हैं। तीन सालों में निर्माण पर आने वाला खर्चा कई गुना बढ़ा है।
इसके साथ ही सीएचबी के मकानों का जीपीए पर ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। पहले ट्रांसफर आसानी से हो जाता था। लेकिन, अब सीएचबी पहले मकानों में वॉयलेशन चेक करता है।
अधिकतर मकानों में वॉयलेशन है, जिसके चलते मकान ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसे में इस नियम को हटा देना चाहिए। सीएचबी के मकानों में रहने वाले लोगों को नो ड्यू सर्टिफिकेट (एनडीसी) भी छह-छह महीने तक जारी नहीं होते हैं। 42 नीड बेस्ड चेजेंस को अभी तक नियिमत नहीं किया गया है।
सीएचबी के चेयरमैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि लोगों की इन सभी दिक्कतों को दूर किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मनिंदर सिंह, जसबीर सिंह, सुशील, हरदेव सिंह, नरेंद्र कुमार भाटिया, पुष्पिंदर सिंह और हेमराज शर्मा मौजूद थे।
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इस दौरान सांसद पवन कुमार बंसल के पुत्र मनीष बंसल भी प्रतिनिधिमंडल के साथ गए। सीएचबी चेयरमैन को बताया गया कि सीएचबी के इंडिपेंडेंट मकानों में रहने वाले कई लोगों के बिल्डिंग प्लान को तीन साल से मंजूरी नहीं दी गई है।
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इससे उन लोगों को दिक्कत आ रही है, जिन्होंने अपने मकानों में पहली या दूसरी मंजिल का निर्माण कराना है। सीएचबी ने बिल्डिंग प्लान को पास करने की फीस में संशोधन किया है।
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इस वजह से कई लोगों के बिल्डिंग प्लान अटके हैं। तीन सालों में निर्माण पर आने वाला खर्चा कई गुना बढ़ा है।
इसके साथ ही सीएचबी के मकानों का जीपीए पर ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। पहले ट्रांसफर आसानी से हो जाता था। लेकिन, अब सीएचबी पहले मकानों में वॉयलेशन चेक करता है।
अधिकतर मकानों में वॉयलेशन है, जिसके चलते मकान ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसे में इस नियम को हटा देना चाहिए। सीएचबी के मकानों में रहने वाले लोगों को नो ड्यू सर्टिफिकेट (एनडीसी) भी छह-छह महीने तक जारी नहीं होते हैं। 42 नीड बेस्ड चेजेंस को अभी तक नियिमत नहीं किया गया है।
सीएचबी के चेयरमैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि लोगों की इन सभी दिक्कतों को दूर किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मनिंदर सिंह, जसबीर सिंह, सुशील, हरदेव सिंह, नरेंद्र कुमार भाटिया, पुष्पिंदर सिंह और हेमराज शर्मा मौजूद थे।