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बजट : शिवालिक क्षेत्र की सिंचाई योजनाओं को मिले स्वीकृति, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
Mon, 17 Feb 2020 01:26 AM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 17 Feb 2020 01:26 AM IST
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हरियाणा के आगामी बजट से शिवालिक क्षेत्र को भी बड़ी उम्मीदें हैं। 2020-21 के बजट में शिवालिक क्षेत्र के लोग प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं के लिए स्वीकृति चाह रहे हैं। शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन भेजकर अनेक रुकी हुई परियोजना के लिए बजट में राशि मंजूर करने की मांग की है। विजय बंसल का कहना है कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है।
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केंद्र में जन संसाधन मंत्री रतनलाल कटारिया व प्रदेश कैबिनेट में 2 मंत्री शिवालिक क्षेत्र के होने के बावजूद इलाके की सिंचाई योजनाएं ठप पड़ी हैं। इसलिए बजट सत्र में शिवालिक क्षेत्र के किसानों के लिए अंबाला-नारायणगढ़ सिंचाई नहर परियोजना को स्वीकृति दी जाए। यह योजना 2006 में मंजूर हुई थी। यह नहर जिला यमुनानगर के ताजेवाला से बिलासपुर, साढौरा और नारायणगढ़ से होती हुई जिला पंचकूला के रायपुरानी तक पहुंचनी थी। हरियाणा सरकार ने 431 करोड़ की योजना का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग को मंजूरी के लिए भेजी थी।
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यहां भूमिगत पानी का स्तर काफी नीचे है। किसानों के पास थोड़ी-थोड़ी जमीनें हैं। इस नहर के निर्माण से हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होनी है। योजना से शिवालिक क्षेत्र के हजारों किसानों को फायदा होगा। बंसल ने मांग की है कि शिवालिक क्षेत्र के जिला पंचकूला में दिवानवाला, डगराना, खेतपुराली, छामला सिंचाई बांधों का निर्माण करने की स्वीकृति देकर बजट आवंटित किया जाए ताकि निर्माण शुरू हो सके। इनका प्रस्ताव केंद्र सरकार की घग्गर स्टैंडिंग कमेटी के पास विचाराधीन है। शिवालिक विकास बोर्ड द्वारा 1993 से 2008 तक किसानों को सिंचाई ट्यूबवेल के लिए अनुदान दिए गए, लेकिन 2008 में तत्कालीन सरकार ने अनुदान देना बंद कर दिया। भाजपा सरकार से मांग है कि किसानों के हित में सिंचाई ट्यूबवेल के लिए दोबारा अनुदान देना शुरू किया जाए।
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