फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   budget crisis on 2 new projects of Kajauli Water Works

कजौली वाटर वर्क्स के 2 नए प्रोजेक्ट पर संकट के बादल

Tue, 01 Mar 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Mar 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
budget crisis on 2 new projects of Kajauli Water Works

केंद्र सरकार से शहर को कम बजट मिलने से कजौली वाटर वर्क्स के चौथे और पांचवें फेज से मिलने वाले 40 एमजीडी पानी के प्रोजेक्ट पर संकट के बादल छा गए हैं।

विज्ञापन


इस प्रोजेक्ट से ही शहर में पानी की किल्लत दूर हो सकती है। नगर निगम ने इस अकेले प्रोजेक्ट के लिए 250 करोड़ का बजट पास करके प्रशासन से मांग की थी, लेकिन यह राशि अब प्रशासन से मिलने की उम्मीद नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार ने प्रशासन को प्लान बजट में ही 700 करोड़ की ग्रांट पास की है।
विज्ञापन


इसमें से ही नगर निगम को प्लान काम के लिए अलग से ग्रांट भी देनी है। प्रशासन को इस बार प्लान बजट में 115 से 120 करोड़ की ग्रांट मिलने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 102 करोड़ 48 लाख प्लान बजट में मिले थे। इतनी ग्रांट मिलने पर नगर निगम शहर में कोई बड़े प्रोजेक्ट का भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्योंकि सड़कों की कारपेटिंग और पहले से चल रहे कामों के लिए यह राशि खर्च हो जाएगी। ऐसे में अब नगर निगम अपनी एफडी तुड़वाकर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर सकता है, लेकिन ऐसा करने पर नगर निगम वित्तीय संकट में आ जाएगा। नगर निगम ने पिछले साल ही एफडी तुड़वाकर पंजाब को इस प्रोजेक्ट के लिए 98 करोड़ की राशि दी है। इस समय एफडी में 300 करोड़ बचे हैं।

ब्याज से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान
तीन साल पहले तक नगर निगम को इस 500 करोड़ की एफडी से हर साल 40 करोड़ रुपये की कमाई ब्याज के तौर पर होती थी। इससे नगर निगम अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर देता था, लेकिन जरूरत पड़ने पर लगातार राशि निकालने से एफडी की राशि कम हो गई है।


पानी सप्लाई से हर साल 59 करोड़ का घाटा
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय शहरवासियों को पानी की सप्लाई करने से हर साल 59 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है और इस घाटे को पूरा करने के लिए पानी के रेट बढ़ाने जरूरी हैं, लेकिन पार्षद इसके लिए तैयार नहीं हैं, जबकि प्रशासन ने भी दबाव बना रखा है। नगर निगम की ओर से हर साल लोगों के घर तक पानी पहुंचाने में 125.84 करोड़ रुपये की लागत आ रही है लेकिन कमाई आधी 65.45 करोड़ रुपये हो रही है।

मेयर अरुण सूद का कहना है कि कजौली वाटर वर्क्स के दोनों नए फेज से पानी हर हालत में आएगा। उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट के अलावा शहर के अन्य काम के लिए कभी भी पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो अलग से भी केंद्र सरकार से बजट लाने का प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed