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Budget 2025: रंगला पंजाब की बुनियाद के लिए पंजाब को चाहिए संजीवनी, वित्त मंत्री ने जताई उम्मीद
Sat, 01 Feb 2025 11:09 AM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:09 AM IST
सार
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान पंजाब को 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान से वैकल्पिक खेती के रूप में फसल विविधीकरण के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की थी। इससे सरकार को तीन हजार करोड़ रुपये की बचत के आंकड़े भी पेश किए गए थे।
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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रंगला पंजाब की बुनियाद के लिए सरकार को केंद्रीय बजट से संजीवनी के रूप में बूस्टर डोज की उम्मीद है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पेश होने से पहले केंद्र से सरकार की उम्मीदों पर बात करते हुए प्रदेश के किसानों, सरहदी इलाकों के लिए स्पेशल पैकेज, फसल विविधीकरण, उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार की आपूर्ति करने, पुलिस मॉडर्नाइजेशन और सबसे बड़ी राज्य सरकार के रोके गए फंड का रास्ता खोलने की उम्मीद जताई है।
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में कृषि, किसानों, उद्योगों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास में जुटी है। इसमें सरकार को काफी हद तक कामयाबी मिली है, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के बजट पैकेज से रंगला पंजाब की बुनियाद को ठोस मजबूती मिलेगी। केंद्रीय बजट से राज्य सरकार को कृषि विविधीकरण के लिए विशेष बजट, बिजली क्षेत्र सुधारों के लिए अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत उधारी सीमा, पराली नहीं जलाने वाले किसानों को वार्षिक 2 हजार करोड़ रुपये का प्रोत्साहन और ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) का पुनर्भुगतान की भी उम्मीद है।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान पंजाब को 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान से वैकल्पिक खेती के रूप में फसल विविधीकरण के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की थी। इससे सरकार को तीन हजार करोड़ रुपये की बचत के आंकड़े भी पेश किए गए थे। पंजाब सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए 2 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने की मांग की है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए कुल 2,000 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है, जिसमें 1,600 करोड़ केंद्र से और 400 करोड़ रुपये राज्य से देने का प्रस्ताव है।
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वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में कृषि, किसानों, उद्योगों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास में जुटी है। इसमें सरकार को काफी हद तक कामयाबी मिली है, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के बजट पैकेज से रंगला पंजाब की बुनियाद को ठोस मजबूती मिलेगी। केंद्रीय बजट से राज्य सरकार को कृषि विविधीकरण के लिए विशेष बजट, बिजली क्षेत्र सुधारों के लिए अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत उधारी सीमा, पराली नहीं जलाने वाले किसानों को वार्षिक 2 हजार करोड़ रुपये का प्रोत्साहन और ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) का पुनर्भुगतान की भी उम्मीद है।
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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान पंजाब को 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान से वैकल्पिक खेती के रूप में फसल विविधीकरण के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की थी। इससे सरकार को तीन हजार करोड़ रुपये की बचत के आंकड़े भी पेश किए गए थे। पंजाब सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए 2 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने की मांग की है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए कुल 2,000 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है, जिसमें 1,600 करोड़ केंद्र से और 400 करोड़ रुपये राज्य से देने का प्रस्ताव है।
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केंद्रीय बजट से पंजाब सरकार को ये हैं उम्मीदें
- पंजाब सरकार ने केंद्र से 8 हजार करोड़ रुपये की लंबित ग्रामीण विकास निधि को जारी करने की मांग की है, जिसे केंद्र ने पिछले तीन वर्षों से रोक रखा है।
- बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए राज्य ने अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत उधारी की भी मांग की है, जिससे पंजाब को बिजली क्षेत्र में सुधार लागू करने के लिए वित्तीय मदद मिल सके।
- सीमावर्ती इलाकों में पुलिस के आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1 हजार करोड़ स्पेशल पैकेज मांगा गया है।
- जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के तर्ज पर सरहदी प्रदेश होने के नाते उद्योगों को बढ़ावा देने लिए विशेष पैकेज की मांग की है। सरकार की इस मांग को केंद्र ने पिछले बजट में पूरा नहीं किया था। सरहदी इलाकों में विशेषकर अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का और तरनतारन में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए यह पैकेज मांगा गया है ताकि यहां युवाओं को रोजगार भी मिल सके।
- दिल्ली से बठिंडा तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, 250 नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए 300 करोड़ रुपये और राजपुरा में आवश्यक सड़क निर्माण और औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग की गई है।