फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Budget 2020: Haryana BJP leaders appreciated to budget and Opposition leaders criticized

Budget 2020: हरियाणा में बजट पर गरमाई सियासत, सरकार की 'वाह', विपक्ष की 'आह'

Sun, 02 Feb 2020 03:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 02 Feb 2020 03:08 AM IST
विज्ञापन
Budget 2020: Haryana BJP leaders appreciated to budget and Opposition leaders criticized
सीएम मनोहर लाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अभय चौटाला - फोटो : फाइल फोटो

केंद्र सरकार के आम बजट पर हरियाणा की सियासत गर्मा कई है। प्रदेश सरकार जहां इस बजट को सूबे के लिए विकासोन्मुखी बता रही है तो वहीं विपक्षी दल भी बजट में केंद्र पर हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगा रहे हैं। आम बजट को लेकर प्रदेश सरकार की ‘वाह’ और विपक्ष की ‘आह’ के बीच अब देखना यह है कि वास्तव में यह बजट आने वाले समय में प्रदेश के हर वर्ग को कितना लाभ पहुंचाता है।

विज्ञापन


आमजन का जीवन बेहतर बनाने में मदद करेगा बजट: मनोहर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बजट को विकासोन्मुखी, गरीब हितैषी और भविष्य के अनुकूल बताते हुए कहा कि बजट में खेती, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और सामाजिक कल्याण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने से हरियाणा के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में विशेष मदद मिलेगी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बजटीय आवंटन और किसानों के लिए 16 सूत्रीय फार्मूला, करदाताओं को राहत, आयुष्मान भारत योजना के विस्तार सहित सुशासन और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने की घोषणाओं से इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य सरकार के चल रहे और भावी योजनागत प्रयासों में और अधिक तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम के अनुसार यह बजट गरीब, किसान और आम आदमी हितैषी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बजट देश के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास को एक निर्णायक बढ़त देगा। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के ऑडिट के लिए टर्नओवर सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने की भी विशेष रूप से सराहना की। सीएम ने हिसार जिले के राखीगढ़ी गांव को ऑन-साइट म्यूजियम के साथ एक प्रतिष्ठित स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का धन्यवाद किया।

आम बजट में हरियाणा के साथ हुआ सौतेला व्यवहार: सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि इस बजट से देश वासियों के साथ हरियाणा प्रदेश के लोगों को भी भारी निराशा मिली है। हरियाणा प्रदेश के साथ इस बजट में सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाला साबित हुआ है। इस बजट ने हर वर्ग को निराश किया है।  

उन्होंने कहा कि बजट में हरियाणा प्रदेश के लोगों को कुछ भी नहीं मिला है। केंद्रीय बजट के अनुसार हरियाणा के राखीगढ़ी में पुरातत्व विभाग द्वारा बनाया जाएगा म्यूजियम, परंतु यह प्रस्ताव तो वर्ष कांग्रेस सरकार में वर्ष 2013 में साइन हो चुका था, आज उसका नाम लिया जा रहा था। इसमें नया कुछ नहीं है। ये लोगों को आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। 

उनके अनुसार सेंटर फार मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार हरियाणा में बेरोजगारी दर अभूतपूर्व रुप से 28.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में घोषित रेवाड़ी के मनेठी में बनने वाला एम्स आज तक नहीं बन पाया है। वहीं बजट में 2024 तक 100 ने एयरपोर्ट बनाए जाने की बात कही है, लेकिन हिसार एयरपोर्ट भी आज तक शुरू नही हो पाया है।

हरियाणा और किसानों की हुई पूरी तरह अनदेखी: हुड्डा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बजट को नीरस और दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने किसानों और हरियाणा की पूरी तरह अनदेखी है। हरियाणा के लिए बजट में किसी नए रेलवे ट्रैक, एयरपोर्ट, ट्रेन, यूनिवर्सिटी, बड़े उद्योग या संस्थान का जिक्र नहीं है। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहे हरियाणा को किसी बड़ी रोजगार परियोजना की जरूरत थी। लेकिन रोजगार बढ़ाने के लिए लगता है बीजेपी के पास कोई योजना ही नहीं है। 

इसके अतिरिक्त कर्मचारी, मध्यम वर्ग व गरीब लोगों को न तो आयकर में कोई राहत दी गई है और न ही कोई अन्य राहत प्रदान की गई है। उनके अनुसार  पिछली बार बजट में सरकार ने ‘जीरो बजट’ खेती का नया जुमला उछाला था, इस बार तो खेती के लिए बजट ही जीरो कर दिया गया। किसानों की आय दुगुनी करने के लिए बजट में कुछ नहीं है ,हरियाणा में तो किसान को उसकी फसल की एमएसपी भी नहीं मिल रही। 

लागत दिनोदिन बढ़ती जा रही है, बिना कर्ज माफ और लागत के अनुसार फायदेमंद दाम नहीं मिलते, तब तक किसान की स्थिति में सुधार नहीं आएगा। इसी प्रकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया। ये बजट पूरी तरह नीरस और दिशाहीन बजट है। हुड्डा के अनुसार कांग्रेस के कार्यकाल में  प्रदेश को 6 रेलवे लाइन हरियाणा को मिलीं। लेकिन बीजेपी सरकार में आज तक एक भी नई रेल लाइन नहीं बिछी। मंजूरी प्राप्त रेलवे लाइनों पर भी काम शुरू नहीं किया गया।

विकास गायब और रोजगार गुम है: सुरेजवाला
रणदीप सुरजेवाला ने भी आम बजट पर तंज कसते हुए कहा कि आम बजट में अर्थव्यवस्था को ‘अनर्थ व्यवस्था’ में बदल दिया गया है। बजट में न दशा है न दिशा, केवल हताशा है। उनके अनुसार इसमें विकास गायब है, रोजगार गुम है, निवेश बंद है, खेती संकट में है, उपभोग हवा-हवाई है, व्यापार पर तालाबंदी का डर है, जीडीपी औंधे मुँह गिरी है। यानी कुल मिलाकर देश आर्थिक आपातकाल की स्तिथि में है।

बजट  विकास में मील का पत्थर बनेगा: अभिमन्यु
पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आम बजट को हर वर्ग के लिए कल्याणकारी बताया है। उनके अनुसार राखीगढ़ी को प्रतिष्ठित दर्जा और अनुदान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बधाई के पात्र हैं। बजट देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। बजट में जनता के लिए टैक्स की दरों में कमी किया जाना एक ऐतिहासिक फैसला है। यह किसान और कृषि को लाभान्वित करने वाला बजट है। 

बजट में है किसानों की आय दोगुनी करने का फार्मूला : धनखड़

हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि किसानों के लिए कृषि उड़ान योजना शुरू करने व किसान रेल चलाने की पहल करना, होर्टिकलचर को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगी। यह खेत को बाजार व उपभोक्ता से जोड़ने की पहल है। धनखड़ ने कहा बजट में किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। जबकि किसानों की पुरानी मांग मनरेगा के जरिये को खेती को बढ़ावा देने की बात मानी है। जबकि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सहायता पहले ही सुनिश्चित की गई है।  उनके अनुसार कृषि सेक्टर को लेकर आम बजट में ऐसा फार्मूला है, जिससे 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने में बड़ी मदद मिलेगी।

बजट पर रोजगार पर नहीं दिखा फोकस: अभय
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि केंद्र के आम बजट में रोजगार पर फोकस नहीं दिखाई दिया। जबकि इस वक्त देश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भी बेरोजगारी का संकट युवाओं पर गहराता जा रहा है। लिहाजा केंद्र और राज्य सरकार को अपना फोकस रोजगार सृजन की ओर ही रखना चाहिए। प्रदेश के उद्योगों को भी बजट में बड़ा आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए था, जिससे सूबे के उद्योग और ग्रोथ करते जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते। अभय के अनुसार आर्थिक मंदी को खत्म करने के लिए भी सरकार को बड़ा विजन देश के सामने रखना होगा।

अंबाला को साइंटिफिक सिटी बनाने का सपना फिर टूटा

देश को ही नहीं बल्कि विदेशभर में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सांइस के उपकरण बनाने के लिए मशहूर अंबाला की झोली इस बजट में भी खाली रही। न ही अंबाला को सांइस सिटी बनाने को लेकर कोई चर्चा और न ही सांइस उद्योग को जीवित करने के लिए कोई बड़ी घोषणा की गई। लिहाजा कारोबारियों की उम्मीदों के पंख उड़ान नहीं भर सके और बजट की घोषणा होते ही सिर्फ फड़फड़ाते रहे। अंबाला की बात करें तो अंबाला छावनी में वर्तमान में करीब एक हजार छोटी-बड़ी सांइस इकाईयां कार्यरत हैं। इनमें करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिला है। बावजूद इसके अंबाला का सांइस उद्योग उपेक्षा का शिकार होता रहा है। यही कारण है कि लगातार अंबाला में सांइस कारोबारियों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सेना के लिए बनता है सामान
अंबाला से तैयार शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए तैयार उपकरण यूएसए, यूएसएसआर, एशियन और अन्य देशों में जाता है। इसी तरह भारतीय सेना के लिए भी कुछ उपकरण अंबाला से ही बनाये जाते हैं। जिनमे साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट में लेबोरेटरी ग्लासवेयर, लेबोरेट्री प्लास्टिक वेयर, इंडियन डिफेंस में आर्मी के लिए कुछ पार्ट शामिल हैं।

चीन और गुजरात दे रहा अंबाला को टक्कर
अंबाला में लगातार घट रहे सांइस कारोबार के पीछे मुख्य तौर पर चाइना और गुजरात का हाथ है। एनसीईआरटी की ओर से स्कूलों में जो भी प्रोजेक्ट तैयार करवाए जाते हैं उनका पूरा टेंडर गुजरात में चला जाता है। वहीं जीएसटी ज्यादा होने और मशीनी माल में चाइना का कोई तोड़ नहीं होने के कारण वहां से मंगवाया गया सामान सस्ता होने के कारण मोटे आर्डर चाइना में चले जाते हैं। इस तरह अंबाला का सांइस कारोबार सिमटता ही जा रहा है।

उद्योग को बचाने के लिए जरूरी है सांइस सिटी का दर्जा

अंबाला के कारोबारियों के अनुसार अंबाला में सांइस उद्योग को बचाने के लिए इसे सांइस सिटी का दर्जा मिलना जरूरी है। लेकिन अनदेखी के चलते अंबाला जिस बात के लिए देश और विदेश में जाना जाता है वही पहचान अब खत्म होती जा रही है। न तो अब अंबाला में कोई सांइस चौक है न ही सांइस से जुड़ा कोई स्मारक कहीं बनाया गया जिससे अंबाला की ख्याति बरकरार रहे।

5 प्रतिशत जीएसटी की मांग भी अधूरी
जीएसटी शुरू करने के बाद सांइस के सामान पर 28 प्रतिशत जीएसटी कर दी गई थी। इसका कारोबारियों ने खुलकर विरोध किया था। इसी कारण सरकार ने इसमें 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी लेकिन वर्तमान में 18 प्रतिशत जीएसटी भी उद्यमियों को खल रही है। इसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग है।

पहले नोटबंदी और फिर जीएसटी ने तोड़ी कमर
नोटंबदी के कारण अंबाला के साइंस उद्योग पूरी तरह से टूट गया था। क्योंकि नकदी नहीं होने के कारण व्यापार चौपट हो गया था। इसके बाद 28 प्रतिशत जीएसटी ने सांइस उद्योग की कमर तोड़ दी थी। इससे अंबाला में तैयार माल की कीमत बढ़ गई थी। इसी कारण कारोबारियों को आंदोलन छेड़ना पड़ा था। अभी तक जीएसटी की मार से अंबाला सांइस उद्योग नहीं उभर पाया। जीएसटी कम करने की मांग को लेकर सांइस कारोबारियों ने करीब 15 दिन पहले गृहमंत्री अनिल विज से गुहार भी लगाई थी। लेकिन विज ने साफ कर दिया था कि पहले ही वह 28 से 18 प्रतिशत जीएसटी करवा चुके हैं।

साइंटिफिक अप्रेटस मैनफेक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान उमेश गुप्ता ने कहा कि उनकी लंबे समय से मांग चल रही है कि अंबाला को साइंटिफिक सिटी का दर्जा दिया जाए लेकिन अभी तक किसी भी सरकार में यह मांग पूरी नहीं हुई। साथ ही बजट में उन्हें उम्मीद थी कि शायद साइंस के उपकरणों पर जीएसटी घटाकर सरकार 5 प्रतिशत कर दे जोकि वर्तमान में 18 फीसद है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

साइंस कारोबारी चेतन्या अग्रवाल ने कहा कि अंबाला में सांइस उद्योग बहुत बड़ा क्षेत्र है। लेकिन इसके सुधार के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। इसके साथ ही टैक्स में जो छूट दी गई उसका फायदा भी तभी होगा जब इतना व्यापार होगा। सांइस सिटी के दर्ज पर भी कोई विचार नहीं हुआ।

कारोबारी मनीष गुप्ता ने कहा कि अंबाला से सांइस का सामान बाहर के देशों में निर्यात किया जाता था। लेकिन यह उद्योग अब सिमटता जा रहा है। इसके सुधार के लिए सरकार को कोई बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी। केंद्रीय सरकार से तो कुछ नहीं मिला अब राज्य सरकार को देखते हैं। हालांकि आम आदमी के लिए बजट सराहनीय है। खास बात यह है कि टैक्स स्लैब से सभी हो राहत मिलेगी।

अशोक गुप्ता ने कहा कि सरकार की ओर से टैक्स में तो कुछ दे दी है। लेकिन इससे उद्योग पर कोई अधिक असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि टैक्स की छूट का फायदा भी तभी होगा जब व्यापार होगा। व्यापार ही नहीं है तो टैक्स कहां से देंगे। जीएसटी भी 18 प्रतिशत ही है उस पर भी विचार नहीं किया गया।

जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, भरी किसानों की खाली झोली

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अपनी पोटली से एक के बाद एक किसान घोषणाएं कर किसानों की झोली भर दी। इससे निश्चित तौर पर अन्नदाता प्रसन्न नजर आए। बजट में सीधे तौर पर जैविक कृषि को बढ़ाया दिया गया। साथ ही 20 लाख किसानों को सोलर पंप सेट देने की घोषणा से सूखे पर लगाम कसने का प्रयास किया गया।

बेशक जिले में सोलर पंप सेट की जरूरत नहीं है लेकिन जैविक कृषि पर जोर देने की घोषणा से सीधे तौर पर हर प्रदेश और जिले के किसान प्रभावित होंगे। इतना ही नहीं 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। खाद के बैलेंस इस्तेमाल पर जोर देने से अधिक केमिकल फर्टिलाइजर यूज करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और सीधे तौर पर किसानों का खर्चा तो कम होगा ही साथ ही सभी को स्वच्छ अन्न भी मिलेगा।

विलेज स्टोरेज स्कीम में सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिये महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी और वह सशक्त होंगी। मिल्क, मीट, फिश को प्रीजर्व के लिए किसान रेल बनेगा। कृषि उड़ान लॉन्च किया जाएगा। ये प्लेन कृषि मंत्रालय की तरफ से चलाए जाएंगे। वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट की स्कीम की घोषणा से सीधे तौर पर किसानों को लाभ होगा।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम, जैविक खेती के लिए पोर्टल है। ऑनलाइन मार्केट मजबूत की जाएगी। किसानों के लिए कुल 16 स्कीमों का एलान किया गया। उनमें 2.83 लाख करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जाएगा। कुल फंड में कृषि, सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की राशि शामिल है।  

सरकार की ओर से कृषि के क्षेत्र में कई घोषणाएं तो की गई है और पहले भी की जाती रही है। लेकिन जमींनी स्तर पर इन योजनाओं का बहुत कम ही लाभ किसानों तक पहुंच जाता है। हर साल कितने ही किसान व जमींदार आत्महत्या कर रहे है।
-अमरजीत सिंह, किसान  

हमेशा की तरह इस बार भी सरकार की ओर से कृषि सुधार के लिए कई घोषनाएं की गई है। लेकिन जहां कम ब्याज पर कर मिलना या अन्य जरूरतें लेकिन जब काम करवाने जाते है तो उसका कोई लाभ नहीं मिलता है।
-किसान दर्शन सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed