Budget 2020: ‘स्मार्ट मीटरिंग’ प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, ‘कुसुम’ की ओर बढ़ चुकी सरकार
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केंद्र के आम बजट में बिजली और सौर ऊर्जा से जुड़े परियोजनाओं पर बड़ा फोकस किया गया है। बिजली कंपनियों का घाटा कैसे कम हो और किसान सोलर ऊर्जा की ओर कैसे बढ़ें, इसे लेकर विभिन्न योजनाओं का जिक्र आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने प्रमुखता से किया है। बिजली और सौर ऊर्जा से जुड़ी इन्हीं परियोजनाओं में हरियाणा भी बड़ा भागीदार है।
आम बजट में ‘स्मार्ट मीटरिंग’ को बढ़ावा देने की बात की गई है। इससे हरियाणा में भी चल रही स्मार्ट मीटरिंग योजना को और रफ्तार मिलेगी। हरियाणा सरकार इस दिशा में एक मिशन के तहत काम कर रही है। ऐसे में केंद्र की मदद सरकार के इस अभियान को जल्द सिरे चढ़ाने में मददगार बनेगी। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में 10 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का टारगेट तय किया हुआ है। जिसमें से 95 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए भी जा चुके हैं।
बिजली के इन स्मार्ट मीटरों में उपभोक्ताओं के लिए दो विकल्प रहेंगे। पहला, उपभोक्ता सरकार के बिजली बिल टैरिफ के मुताबिक बिजली उपभोग के बाद बिल अदा करेगा या फिर प्री-पेड सिस्टम से अपने स्मार्ट मीटर को रिर्चाज करता रहेगा और बिजली फूंकता रहेगा। यानी स्मार्ट मीटर में जितने रुपये का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली चलेगी।
स्मार्ट मीटर में प्री-पेड सिस्टम लिंक करने के लिए हरियाणा सरकार ने मार्च के अंत तक एक विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस पर काम चल रहा है। जबकि सभी घरों को स्मार्ट मीटरिंग से लैस करने के लिए अभियान को भी अब केंद्र की मदद से और तेज किया जा सकेगा।
कुसुम : हरियाणा में लगेगा 10 हजार मेगावट का ग्रिड
आम बजट में किसानों का रुझान सौर ऊर्जा की ओर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (पीएम-कुसुम) योजना पर जोर दिया है। इसका मकसद कृषि कार्यों के दौरान बिजली बचत के साथ किसानों के बिजली खर्च को कम करते हुए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। हरियाणा सरकार इस दिशा में आगे बढ़ चुकी है और प्रदेश में कुसुम योजना को लांच कर दिया गया है।
इस योजना के तहत हरियाणा में 10 हजार मेगवाट का डिसेंट्रलाइज्ड ग्राउंड माउंटेड ग्रिड स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न सोलर प्लांटों से कनेक्टेड होगा। योजना का लाभ किसानों तक कैसे पहुंचेगा और उक्त सेटअप कैसे और कहां-कहां स्थापित होगा। इस पर होमवर्क शुरू कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत इस ग्रिड को जिन सोलर प्लांटों से जोड़ा जाएगा, वे 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट क्षमता के होंगे।
इसके लिए पहले चरण में केंद्र सरकार ने उतरी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 10 मेगावाट और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को 15 मेगावाट की स्वीकृति दी है। इसी में किसानों के खेतों में 17.50 लाख नए स्टेंड एलॉन सोलर पॉवर्ड एग्रीकल्चर पंप स्थापित करने का लक्ष्य है। इसी के अंतर्गत हरियाणा में पहले से लगे 10 लाख ग्रिड कनेक्टेड एग्रीकल्चर पंपों का सोलराइजेशन भी किया जाएगा। इस योजना में केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा सरकार को भी निर्धारित प्रतिशत के तहत आर्थिक मदद करनी होगी।
22 हजार जन औषधि केंद्र खुलेंगे, लक्ष्य पूरा होने को लंबा इंतजार
आम बजट में जन औषधि केंद्र खोलने संबंधी योजना का विस्तार करने पर भी बल दिया गया है। योजना के इसी विस्तार में हरियाणा में भी 22 हजार जन औषधि केंद्र खोलने का टारगेट है। इसके अंतर्गत हरियाणा के सभी जिलों में एक-एक हजार औषधि केंद्र खोले जाने हैं। हालांकि इसकी शुरूआत हो चुकी है, मगर इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
इसके लिए सरकार ने वर्ष 2024 का लक्ष्य तय किया गया है। हरियाणा सरकार भी इस योजना को लेकर खासी गंभीर है। योजना का मकसद है लोगों को इन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सके। योजना के तहत इन औषधि केंद्रों पर दो हजार किस्म की दवाइयां व तीन सौ सर्जिकल आइटम उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा आम बजट में वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की भी प्रतिबद्धता दिखाई गई है। इस अभियान में भी हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी अभियान को सभी जिलों में प्रभावशाली ढंग से चला रखा है, जिसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।