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पाकिस्तान की हिरासत में BSF जवान: गर्भवती पत्नी बच्चे के साथ पहुंची पंजाब, 5 दिन से पाक ने नहीं छोड़ा पीके
Mon, 28 Apr 2025 11:21 PM IST
शाहिल शर्मा
PTI
PTI
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 28 Apr 2025 11:21 PM IST
सार
पूर्णम साहू को पाकिस्तान रेंजर्स ने 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद हिरासत में लिया था। रजनी अब फिरोजपुर जाएंगी, जहां वह वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारियों से अपने पति की रिहाई के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी लेंगी। डिटेल में पढ़ें खबर...
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बीएसएफ जवान पीके सिंह।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर सोमवार को बीएसएफ जवान पूर्णम साहू की गर्भवती पत्नी रजनी साहू अपने बेटे और कुछ रिश्तेदारों के साथ पहुंचीं। पूर्णम साहू को पाकिस्तान रेंजर्स ने 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद हिरासत में लिया था। रजनी अब फिरोजपुर जाएंगी, जहां वह वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारियों से अपने पति की रिहाई के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी लेंगी।
पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में BSF जवान
बीएसएफ के जवान कॉन्स्टेबल पूर्णम साहू, जो फिरोजपुर सीमा पर 182वीं बटालियन में तैनात थे। उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने 23 अप्रैल को हिरासत में लिया। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, साहू उस समय कुछ किसानों के साथ सीमा पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए रुके और अनजाने में पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए। इसके बाद पाक रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
बीएसएफ जवान की पत्नी रजनी गर्भवती हैं उन्होंने कहा मैं बहुत तनाव में हूं। बीएसएफ अधिकारी केवल इतना कह रहे हैं कि चिंता न करें, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। मेरी हालत के बावजूद मैंने यह यात्रा करने का फैसला किया। रजनी ने बताया कि अगर फिरोजपुर में बीएसएफ अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वह दिल्ली जाएंगी और केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित अन्य सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। साहू के माता-पिता, जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिश्रा के हरिसभा क्षेत्र में रहते हैं, ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
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पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में BSF जवान
बीएसएफ के जवान कॉन्स्टेबल पूर्णम साहू, जो फिरोजपुर सीमा पर 182वीं बटालियन में तैनात थे। उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने 23 अप्रैल को हिरासत में लिया। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, साहू उस समय कुछ किसानों के साथ सीमा पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए रुके और अनजाने में पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए। इसके बाद पाक रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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बीएसएफ जवान की पत्नी रजनी गर्भवती हैं उन्होंने कहा मैं बहुत तनाव में हूं। बीएसएफ अधिकारी केवल इतना कह रहे हैं कि चिंता न करें, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। मेरी हालत के बावजूद मैंने यह यात्रा करने का फैसला किया। रजनी ने बताया कि अगर फिरोजपुर में बीएसएफ अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वह दिल्ली जाएंगी और केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित अन्य सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। साहू के माता-पिता, जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिश्रा के हरिसभा क्षेत्र में रहते हैं, ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
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पाकिस्तान की तरफ से नहीं है फेंसिंग
आपको बता दें कि कई बार पाकिस्तानी गांव से बच्चे और लोग गलती से भारत की सीमा में घुस जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान की तरफ कोई फेंसिंग नहीं लगी है सिर्फ एक सफेद पिल्लर है वह भी काफी दूरी पर लगे हैं। जबकि इंडिया की तरफ जो फेंसिंग की गई है उस तरफ भी भारत की काफी जमीन है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी ग्रामीण भारत के इलाके में आ जाते थे तो बीएसएफ उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्सों को सौंप देती थी।
दो बार फ्लैग मीटिंग कर चुके बीएसएफ अधिकारी
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पीके सिंह मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है। वह बुधवार को गलती से बॉर्डर क्रास कर पाकिस्तान सीमा पर चला गया था। जवान को छुड़ाने के लिए बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स अधिकारियों के बीच पहले बुधवार रात और फिर वीरवार दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे फ्लैग मीटिंग हुई थी। लेकिन दोनों मीटिंग के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान पीके सिंह को वापस नहीं लौटाया।
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान की हिरासत में BSF जवान: चार दिन से पाक के कब्जे में पीके शाह, पति के लिए तड़प रही पत्नी
आपको बता दें कि कई बार पाकिस्तानी गांव से बच्चे और लोग गलती से भारत की सीमा में घुस जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान की तरफ कोई फेंसिंग नहीं लगी है सिर्फ एक सफेद पिल्लर है वह भी काफी दूरी पर लगे हैं। जबकि इंडिया की तरफ जो फेंसिंग की गई है उस तरफ भी भारत की काफी जमीन है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी ग्रामीण भारत के इलाके में आ जाते थे तो बीएसएफ उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्सों को सौंप देती थी।
दो बार फ्लैग मीटिंग कर चुके बीएसएफ अधिकारी
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पीके सिंह मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है। वह बुधवार को गलती से बॉर्डर क्रास कर पाकिस्तान सीमा पर चला गया था। जवान को छुड़ाने के लिए बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स अधिकारियों के बीच पहले बुधवार रात और फिर वीरवार दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे फ्लैग मीटिंग हुई थी। लेकिन दोनों मीटिंग के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान पीके सिंह को वापस नहीं लौटाया।
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