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फसलों की खरीद बंद न करे सरकार, बचे हुए किसानों को और मौका दिया जाए : भूपेंद्र सिंह हुड्डा
Sun, 07 Jun 2020 07:04 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 07 Jun 2020 07:04 PM IST
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भूपेंद्र हुड्डा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फसलों की खरीद रोकने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद 30 जून तक खरीद जारी रखने का आश्वासन दिया था। इसलिए विपरीत परिस्थितियों की वजह से जो किसान अपनी फसल नहीं बेच पाए, उन्हें कुछ दिन का और वक्त देना चाहिए।
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हुड्डा ने सरकार से आग्रह किया कि फिलहाल गेहूं, सरसों, चना और कपास की खरीद जारी रखनी चाहिए। सरकार से आग्रह है कि खरीद बंद करने में किसी तरह की जल्दबाजी दिखाने की बजाय सरकार किसानों के भुगतान और मंडियों में पड़ी फसल को उठान में जल्दबाजी दिखाए, क्योंकि अभी भी करीब 75 हजार मीट्रिक टन सरसों और लगभग 2200 करोड़ रुपये गेहूं किसानों का भुगतान नहीं हुआ है।
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उन्होंने कहा कि सरसों खरीद में हुआ घोटाला सबके सामने हैं। इससे पता चलता है कि बड़ी मात्रा में फर्जी कागजी खरीद हुई है और कई असली किसान अभी भी फसल बेचने का इंताजर कर रहे हैं। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि महज कागजों में नहीं, बल्कि असलियत में किसान का एक-एक दाना एजेंसियां खरीदें। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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हुड्डा ने कहा कि किसानों को खरीफ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सरकार से उचित बढ़ोतरी की उम्मीद थी। वहां पर भी किसानों को निराशा ही हाथ लगी। उनके अनुसार भावांतर भरपाई योजना के तहत जो दाम तय किए हैं, उससे फसल की तुड़ाई और ढुलाई तक की लागत नहीं निकल पाती। इसलिए सरकार को टमाटर, शिमला मिर्च, घिया, तोरई, ककड़ी या तमाम दूसरी सब्जी उगाने वाले किसानों की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए।