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फैक्ट्री में भयानक आग से लाखों रुपये का तैयार माल जलकर राख
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 02 May 2016 07:43 PM IST
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डेराबस्सी में फैक्टरी में आग
- फोटो : amar ujala
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गत्ता बनाने वाली फैक्ट्री में भयानक आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल जलकर राख हो गया। हादसा डेराबस्सी में मुबारिकपुर-सुंडरा मार्ग पर स्थित एक गत्ता बनाने वाली फैक्ट्री में सोमवार तड़के हुआ। आग को करीब 10 घंटे में काबू पाया जा सका।
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आग पर काबू पाने के लिए डेराबस्सी, नाहर फैक्ट्री और दप्पर असला डिपो की तीन-तीन कुल 9 गाड़ियों ने करीब तीन दर्जन चक्कर लगा कर दस घंटे में आग पर काबू पाया। आग के लिए शार्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है। लेकिन असल कारणों की जांच की जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधकों ने 70 से 80 लाख रुपये का नुकसान होने का दावा किया है। लेकिन अभी फायर विभाग जांच कर रहा है।
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सुंडरा सड़क पर मुबारिकपुर के नजदीक तुलसेन केन्स एंड कार्ड बोर्ड नामक कंपनी के गोदाम में सुबह करीब सवा छह बजे अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग कंपनी के तैयार माल के स्टोर में लगी। गत्ता सुखा होने के कारण कुछ देर में ही आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। आग से उठने वाले काले धुंए के बादल कई किमी दूर से भी देखे जा सकते थे।
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डेराबस्सी के फायर अफसर मनजीत सिंह ने बताया कि कंपनी में रात के समय केवल चौकीदार ही मौजूद था। जिसने फायर विभाग को 7 बजकर 5 मिनट पर सूचना दी। उन्होंने बताया कि आग की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल विभाग की तीनों गाड़ियां मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने में जुट गई।
उन्होंने कहा कि आग बुझाने में सबसे बड़ी मुश्किल पैदा हुई जब आग में शेड को सपोर्ट करने वाले लोहे पिलर्स गर्म होकर तापमान झेल नहीं सके और तैयार माल पर गिर गए। इससे आग ओर भड़क गई। पानी की बौछारें टीन के अंदर तैयार माल में लगी आग तक नहीं पहुंच रही थी। फैक्ट्री परिसर में आग बुझाने के प्रबंध लगभग नदारद थे। वाटर स्टोरेज टैंक भी नहीं था और दमकल गाड़ियों को पानी भरने के लिए डेराबस्सी के कई चक्कर काटने पड़े।
उन्होंने कहा कि करीब शाम के साढ़े चार बजे तक तीनों जगहों की गाड़ियों ने करीब तीन दर्जन चक्कर लगा कर आग पर पूरी तरह काबू पाया। फायर अफसर मनजीत सिंह के अनुसार उन्हें फैक्ट्री के प्रबंधकों ने बताया है कि फायर हादसे में तैयार माल, मशीनें, शेड व इमारत सही करीब 70 से 80 लाख रुपये के नुकसान होने का दावा कर रहे हैं। जबकि नुकसान का असली आकलन होना अभी बाकी है। फैक्ट्री में आग से निपटने के प्रबंध न होने के बारे में कहा कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा।