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बड़े भाई के हत्यारे पंचायत सेक्रेटरी को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला/पटियाला
Updated Tue, 09 Sep 2014 10:03 PM IST
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जमीन विवाद में बड़े भाई की गोली मार कर हत्या करने वाले पंचायत सेक्रेटरी को कोर्ट ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
पंचायत सेक्रेटरी धनविंदर सिंह (50) निवासी गांव जोगीपुर थाना सन्नौर का अपने बड़े भाई जसजीत पाल सिंह (53) निवासी गांव जोगीपुर के साथ खेतीबाड़ी की जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। जसजीत पाल सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी में सीनियर असिस्टेंट था। दो अप्रैल 2013 को धनविंदर सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जसजीत पाल सिंह की गोलियां मार हत्या कर दी थी। उस समय जसजीत पाल सिंह विवादित जमीन पर ही था।
वहीं पहुंच कर छोटे भाई ने इस वारदात को अंजाम दिया। बाद में सन्नौर थाना पुलिस जसजीत पाल सिंह के बेटे अमनप्रीत सिंह के बयान पर आरोपी धनविंदर सिंह के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मंगलवार को इस केस की सुनवाई के बाद जिला एवं सेशन जज एचएस मदान की कोर्ट ने धनविंदर को कत्ल का दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। आर्म्स एक्ट में दोषी को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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पंचायत सेक्रेटरी धनविंदर सिंह (50) निवासी गांव जोगीपुर थाना सन्नौर का अपने बड़े भाई जसजीत पाल सिंह (53) निवासी गांव जोगीपुर के साथ खेतीबाड़ी की जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। जसजीत पाल सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी में सीनियर असिस्टेंट था। दो अप्रैल 2013 को धनविंदर सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जसजीत पाल सिंह की गोलियां मार हत्या कर दी थी। उस समय जसजीत पाल सिंह विवादित जमीन पर ही था।
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वहीं पहुंच कर छोटे भाई ने इस वारदात को अंजाम दिया। बाद में सन्नौर थाना पुलिस जसजीत पाल सिंह के बेटे अमनप्रीत सिंह के बयान पर आरोपी धनविंदर सिंह के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मंगलवार को इस केस की सुनवाई के बाद जिला एवं सेशन जज एचएस मदान की कोर्ट ने धनविंदर को कत्ल का दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। आर्म्स एक्ट में दोषी को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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