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पीयू न खुलने पर टूटा सब्र का बांध.. एबीवीपी ने किया प्रदर्शन, अधिकारी नहीं आए तो वीसी कार्यालय का गेट खड़खड़ाया
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पीयू में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी न खुलने सहित अन्य मांगें न मानने से छात्रों का सब्र का बांध टूट गया। सोमवार को एबीवीपी ने पीयू वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने वीसी कार्यालय का सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने नहीं जाने दिया। गुस्से से लाल पदाधिकारियों ने वीसी कार्यालय का गेट भी खूब खड़खड़ाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर काम नहीं किया तो उग्र प्रदर्शन होगा। आखिर में डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने आकर विद्यार्थियों को आश्वासन दिया। उसके बाद मामला शांत हुआ।
एबीवीपी अध्यक्ष पारस रतन व सचिव ऋषिका राज के नेतृत्व में कार्यकर्ता वीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि हर जगह शिक्षण संस्थान खुल गए हैं। चारों ओर पढ़ाई शुरू हो गई, लेकिन पीयू में अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। लगता ही नहीं उन्हें छात्रों के भविष्य को लेकर कोई चिंता है। छात्रावास व पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए नहीं खोले गए हैं। विद्यार्थी परेशान हैं। वह पुस्तकालय में आकर पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन यहां पुस्तकालय उन्हें बंद मिलती है। विद्यार्थियों का हक है कि वह पुस्तकालय में पढ़ाई करें। पढ़ाने की पुराने तरीकों पर बात अब तक नहीं हो पाई है। पीयू प्रशासन इस ओर ध्यान दे। इसके अलावा परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता की गई है जो गलत है, क्योंकि तमाम विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो कुछ नेट के कारण कक्षा नहीं ले पा रहे हैं। उनकी हाजिरी कम पड़ रही है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में शामिल किया जाए और 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता खत्म की जाए। साथ ही विद्यार्थियों की अन्य मांगें भी सुनी जाएं।
डीएसडब्ल्यू बोले- जल्द होगा समस्याओं का निराकरण
काफी देर तक विद्यार्थी यहां नारेबाजी करते रहे। अधिकारी नहीं पहुंचे तो पदाधिकारियों ने वीसी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्य गेट खटखटाया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें आकर रोका और अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर पहुंचे। पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन देते हुए कहा कि मांगों को पूरा किया जाए। इस पर डीएसडब्ल्यू ने कहा कि जल्द ही समस्याओं का निराकरण होगा। आश्वासन दिया कि हाजिरी कम होने के चलते किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा। उसके बाद पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन खत्म किया। यह भी कह दिया कि मांगें हर हाल में पूरी होनी चाहिए।
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एबीवीपी अध्यक्ष पारस रतन व सचिव ऋषिका राज के नेतृत्व में कार्यकर्ता वीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि हर जगह शिक्षण संस्थान खुल गए हैं। चारों ओर पढ़ाई शुरू हो गई, लेकिन पीयू में अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। लगता ही नहीं उन्हें छात्रों के भविष्य को लेकर कोई चिंता है। छात्रावास व पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए नहीं खोले गए हैं। विद्यार्थी परेशान हैं। वह पुस्तकालय में आकर पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन यहां पुस्तकालय उन्हें बंद मिलती है। विद्यार्थियों का हक है कि वह पुस्तकालय में पढ़ाई करें। पढ़ाने की पुराने तरीकों पर बात अब तक नहीं हो पाई है। पीयू प्रशासन इस ओर ध्यान दे। इसके अलावा परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता की गई है जो गलत है, क्योंकि तमाम विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो कुछ नेट के कारण कक्षा नहीं ले पा रहे हैं। उनकी हाजिरी कम पड़ रही है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में शामिल किया जाए और 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता खत्म की जाए। साथ ही विद्यार्थियों की अन्य मांगें भी सुनी जाएं।
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डीएसडब्ल्यू बोले- जल्द होगा समस्याओं का निराकरण
काफी देर तक विद्यार्थी यहां नारेबाजी करते रहे। अधिकारी नहीं पहुंचे तो पदाधिकारियों ने वीसी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्य गेट खटखटाया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें आकर रोका और अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर पहुंचे। पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन देते हुए कहा कि मांगों को पूरा किया जाए। इस पर डीएसडब्ल्यू ने कहा कि जल्द ही समस्याओं का निराकरण होगा। आश्वासन दिया कि हाजिरी कम होने के चलते किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा। उसके बाद पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन खत्म किया। यह भी कह दिया कि मांगें हर हाल में पूरी होनी चाहिए।
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