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यहां लोगों ने खुद ही बना डाला पुल, जानिए कैसे
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 11 Feb 2014 03:53 PM IST
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जगतपुरा समेत अठारह गांवों के सैकड़ों लोगों का अब बारिश होने पर शहर से संपर्क नहीं टूटेगा। इलाके के लोगों ने इस समस्या के लिए स्थाई हल के लिए खुद ही वहां से गुजर रहे गंदे नाले पर पुल बनाने की दिशा में काम शुरू किया है।
पुल का काम आखिरी पड़ाव में पहुंच गया है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते पुल का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पुल को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया पुल टूट गया था। इसके बाद लोग परेशानी में फंस गए थे। फिर पीडब्यूडी ने लोगों को तुरंत राहत देते हुए अस्थाई पुल बना दिया था। लेकिन जब भी बारिश होती थी, तो पुल पानी में बह जाता था।
इसके बाद इलाके के लोगों का संपर्क शहर से टूट जाता था। दूसरा आपात समय में लोगों के लिए मुश्किल ज्यादा बढ़ गई थी। इसके बाद समस्या से निपटने के लिए लोगों ने खुद ही स्थाई पुल का निर्माण करने का फैसला लिया। कई गांवों के लोगों ने मिलकर करीब दस लाख रुपये इकट्ठे किए।
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साथ ही पुल के लिए छह फुट वाले पाइप मंगवाकर काम शुरू कराया। पुल का काम इंजीनियरों एवं गांवों के माहिरों द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान पहले नाले में 7इंच के मोटे बजरी एवं सीमेट वाले बीम डाले गए।
इसके बाद सात इंच पत्थर वाले बीम डाले गए। जिसके बाद पाइपों को फिट करने का काम शुरू किया है। पुल की चौड़ाई साढे़ चौदह फुट रखी गई है। वहीं, पुल के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए दीवार बनाई जा रही है। मेन पुल तैयार हो चुका है। अब दोनों साइड पुल को जोड़ने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है।
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पुल का काम आखिरी पड़ाव में पहुंच गया है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते पुल का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पुल को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया पुल टूट गया था। इसके बाद लोग परेशानी में फंस गए थे। फिर पीडब्यूडी ने लोगों को तुरंत राहत देते हुए अस्थाई पुल बना दिया था। लेकिन जब भी बारिश होती थी, तो पुल पानी में बह जाता था।
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इसके बाद इलाके के लोगों का संपर्क शहर से टूट जाता था। दूसरा आपात समय में लोगों के लिए मुश्किल ज्यादा बढ़ गई थी। इसके बाद समस्या से निपटने के लिए लोगों ने खुद ही स्थाई पुल का निर्माण करने का फैसला लिया। कई गांवों के लोगों ने मिलकर करीब दस लाख रुपये इकट्ठे किए।
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साथ ही पुल के लिए छह फुट वाले पाइप मंगवाकर काम शुरू कराया। पुल का काम इंजीनियरों एवं गांवों के माहिरों द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान पहले नाले में 7इंच के मोटे बजरी एवं सीमेट वाले बीम डाले गए।
इसके बाद सात इंच पत्थर वाले बीम डाले गए। जिसके बाद पाइपों को फिट करने का काम शुरू किया है। पुल की चौड़ाई साढे़ चौदह फुट रखी गई है। वहीं, पुल के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए दीवार बनाई जा रही है। मेन पुल तैयार हो चुका है। अब दोनों साइड पुल को जोड़ने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है।