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10 हजार रुपये की रिश्वत का मामला : एडिशनल एसएचओ व एएसआई के खिलाफ एसएसपी बनीं सरकारी गवाह
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चंडीगढ़। सेक्टर-17 थाना के पूर्व एडिशनल एसएचओ बलविंद्र सिंह और पीओ सेल के एएसआई हरमीत सिंह की 10 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में मुश्किलें कम नहीं हुई है। इस मामले में सीबीआई की जांच टीम ने एसएसपी कंवरदीप कौर को बतौर गवाह इनके विभाग के ही दोनों मुलाजिमों के खिलाफ गवाही देने के लिए सीबीआई कोर्ट में एप्लीकेशन दायर की थी। इसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए एसएसपी को गवाह बनाने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके बाद जांच टीम ने एसएसपी का नाम अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में सूची में शामिल कर लिया है।
दरअसल, इस मामले के संबंध में अप्रैल 2024 में सेक्टर-41ए निवासी शिकायतकर्ता अजय कुमार ने सीबीआई के पास रिश्वत के संबंध में एक लिखित शिकायत दी थी। इसमें अजय कुमार ने बताया कि उसका चेक संबंधित मामले में एक अन्य व्यक्ति के साथ विवाद चल रहा था जिसकी जांच पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही थी। पुलिस द्वारा उसे उसके खिलाफ केस दर्ज नहीं करने के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन उसने इस बारे में सीबीआई को शिकायत दे दी थी। सीबीआई ने ट्रैप लगातार पीओ सेल के एएसआई हरमीत सिंह और सेक्टर-17 थाना के एडिशनल एसएचओ एसआई बलविंद्र सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों के खिलाफ सीबीबीआई द्वारा क्रप्शन एक्ट-7 के तहत केस दर्ज किया था। इन दोनों आरोपियों को करीब 3 महीने बाद सीबीआई कोर्ट से जमानत मिली, जिसके बाद वह जेल से बाहर आए।
इस मामले में शिकायतकर्ता अजय कुमार की ओर से कोर्ट के समक्ष एक एप्लीकेशन दी गई, जिसमें बताया गया कि यह केस दर्ज करवाने के बाद से ही उसे कई लोगों से धमकियां मिल रही हैं। उसे व्हाट्सअप के जरिए गंदे-गंदे मैसेज भेजकर डराया धमकाया जा रहा है। इस बात को लेकर वह पुलिस अधिकारियों के पास लिखित शिकायत कर चुका है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है बल्कि उस पर ही केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर जवाब मांगा है।
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विदेश जाने के लिए सीबीआई कोर्ट ने नहीं दी मंजूरी
उधर, इस मामले में नामजद सब इंस्पेक्टर बलविंद्र सिंह ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर विदेश कनाडा जाने के लिए मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने सीबीआई की जांच टीम को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा था। ऐसे में सीबीआई ने कोर्ट में अपना जवाब दायर किया और आरोपी को विदेश भेजने की मंजूरी नहीं देने की बात कही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी एसआई की विदेश जाने की मंजूरी वाली याचिका को ही खारिज कर दिया।
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दरअसल, इस मामले के संबंध में अप्रैल 2024 में सेक्टर-41ए निवासी शिकायतकर्ता अजय कुमार ने सीबीआई के पास रिश्वत के संबंध में एक लिखित शिकायत दी थी। इसमें अजय कुमार ने बताया कि उसका चेक संबंधित मामले में एक अन्य व्यक्ति के साथ विवाद चल रहा था जिसकी जांच पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही थी। पुलिस द्वारा उसे उसके खिलाफ केस दर्ज नहीं करने के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन उसने इस बारे में सीबीआई को शिकायत दे दी थी। सीबीआई ने ट्रैप लगातार पीओ सेल के एएसआई हरमीत सिंह और सेक्टर-17 थाना के एडिशनल एसएचओ एसआई बलविंद्र सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों के खिलाफ सीबीबीआई द्वारा क्रप्शन एक्ट-7 के तहत केस दर्ज किया था। इन दोनों आरोपियों को करीब 3 महीने बाद सीबीआई कोर्ट से जमानत मिली, जिसके बाद वह जेल से बाहर आए।
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इस मामले में शिकायतकर्ता अजय कुमार की ओर से कोर्ट के समक्ष एक एप्लीकेशन दी गई, जिसमें बताया गया कि यह केस दर्ज करवाने के बाद से ही उसे कई लोगों से धमकियां मिल रही हैं। उसे व्हाट्सअप के जरिए गंदे-गंदे मैसेज भेजकर डराया धमकाया जा रहा है। इस बात को लेकर वह पुलिस अधिकारियों के पास लिखित शिकायत कर चुका है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है बल्कि उस पर ही केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर जवाब मांगा है।
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विदेश जाने के लिए सीबीआई कोर्ट ने नहीं दी मंजूरी
उधर, इस मामले में नामजद सब इंस्पेक्टर बलविंद्र सिंह ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर विदेश कनाडा जाने के लिए मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने सीबीआई की जांच टीम को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा था। ऐसे में सीबीआई ने कोर्ट में अपना जवाब दायर किया और आरोपी को विदेश भेजने की मंजूरी नहीं देने की बात कही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी एसआई की विदेश जाने की मंजूरी वाली याचिका को ही खारिज कर दिया।