सहयात्री छात्रा ने उठाए बहनों की 'बहादुरी' पर सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोडवेज बस में दो लड़कियों के साथ छेड़छाड़ व मारपीट मामले में आरोपी युवकों के पक्ष में एक और लड़की आई है। आसन गांव की रहने वाली मोनिया भोरड़ा ने शपथ पत्र देकर बताया कि वह 28 नवंबर को पेपर देकर वापस घर जा रही थी। लड़कियों से वह चार सीट पीछे बैठी थी। आसन गांव का ही कुलदीप एक महिला के लिए सीट नंबर लेकर आया। वहां पर लड़कियां बैठी थीं।
उन लड़कियों ने कुलदीप के साथ गलत बोलना शुरू कर दिया। मोनिया ने बताया कि लड़कियां काफी देर तक बोलती रही तो कुलदीप ने उन्हें कहा भी था कि चुप हो जाओ। इस पर उन्होंने गाली देना शुरू कर दिया। ड्राइवर कंडक्टर ने रोका भी तो उन्होंने उनके साथ भी गाली गलौच किया।
लड़कों ने न तो गाली दी और न हूटिंग की और न छेड़छाड़। लड़कियों में से एक ने बैग में से बेल्ट निकाली और कुलदीप के साथ मारपीट शुरू कर दी। मोनिया ने बताया कि लड़कियों ने पीछे वाली सीट पर चश्मा लगाए बैठी एक लड़की से वीडियो बनवाया था।
लड़कियों को नहीं, लड़कों को मिले सम्मान
मोनिया का कहना है कि वह उन लड़कियों के ही कॉलेज में पढ़ती है। उसका अंतिम पेपर 28 को था और इसके बाद वह अपने मामा के घर पर चली गई। मांग की है कि लड़कियों को नहीं बल्कि लड़कों को सम्मान मिलना चाहिए। बता दें कि अभी तक मामले में 8 गवाह सामने आए हैं और सभी ने लड़कों के पक्ष में शपथपत्र दिए हैं।
अभी नहीं तैयार हुई चार्जशीट
मामले की जांच कर रहे डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच के दौरान काफी कुछ अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। अभी चार्जशीट दाखिल करने में समय लगेगा, सभी पहलुओं की जांच होगी।
हमारे खिलाफ ‘दबाव की साजिश’
चलती बस में बहनों द्वारा युवकों की पिटाई करने के मामले में विवाद गहराता जा रहा है। लड़कों के समर्थन में परिजनों, पंचायत व 8 चश्मदीदों के उतरने के बाद लड़कियों ने इसे ‘दबाव की साजिश’ करार दिया है।
सोनीपत के थाना खुर्द निवासी आरती ने पत्रकारों से कहा कि विरोध-प्रदर्शन एक साजिश के तहत किए जा रहे हैं। आरोपी पक्ष चाहता है कि वे दबाव में आकर अपनी शिकायत वापस ले लें, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगी।
आरती ने सवाल उठाया कि हरियाणा में हमेशा से लड़कियों को दबाया जाता रहा है। इस मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। आरती ने कहा कि हरियाणा में जब बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है, दहेज के लिए उनकी बलि चढ़ा दी जाती है तो हम तो उनकी बेटी भी नहीं हैं।
सरकार ने सोच-समझकर ही दिया होगा इनाम
सरकार द्वारा इनाम पर रोक लगाए जाने के सवाल पर आरती ने कहा कि सरकार एक बड़ी संस्था है। उसने कुछ सोच-समझकर ही इनाम की घोषणा की होगी। अब दबाव के चलते ऐसा हो रहा है।
वहीं, ड्राइवर-कंडक्टर को बहाल करने के मामले में आरती ने कहा कि ये दोनों बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। यदि इनके हर बयान की जांच की जाए तो सच्चाई खुद ही सामने आ जाएगी।