छेड़खानी पर 'बहादुर' बहनों का चौंकाने वाला बयान
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सोनीपत की बहादुर बेटी पूजा और आरती ने कहा कि वह महज 19 साल की हैं और सैकड़ों बार छेड़खानी करने वालों का सामना कर चुकी हैं। लेकिन जब भी ऐसी स्थिति आई लड़कों को मुंहतोड़ जवाब दिया। आगे भी बुरी नजर वालों को इसी तरह से जवाब देंगी।
पूजा ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज, गली से लेकर घर तक हर जगह लड़के बुरी नीयत से देखते हैं और जिसे मौका मिलता वही छेड़खानी कर देता है।
उसके दो विडियो सामने आने के सवाल पर पूजा ने कहा कि अभी और वीडियो सामने आ सकते हैं। उसने कई बार लड़कों को इस तरह से सबक सिखाया है।
हमेशा लड़कों को दिया मुंहतोड़ जवाब
रोहतक की घटना पर पूजा ने कहा कि बस में सवार होने से पहले ही लड़के उन पर कमेंट कर रहे थे। बस में सवार होने के बाद लड़कों ने पर्ची पर लिखकर मोबाइल नंबर फेंका। बार-बार इशारे कर नंबर उठाने को कहा।
इसके बाद हद पार करते हुए किस और अश्लील इशारे किए। गालियों का प्रयोग किया। पास आकर छूने की कोशिश की तब हमने लड़कों को जवाब दिया। पूजा और आरती ने बताया कि बस में लोगों ने उनकी मदद नहीं की।
विडियो से पहले का हिस्सा आप देखते तो शर्म से गड़ जाते। उन्होंने बताया कि रोहतक के पास के एक गांव के लड़के ने मुझे छेड़ा था, जिसके बाद उसके परिजनों ने लड़के को पुलिस के हवाले किया था। लड़के को परिजनों ने पीटा भी, जिसके बाद लड़के ने माफी मांगी तो उन्होंने माफ कर दिया था।
दूसरा विडियो भी मेरा ....
पूजा ने स्वीकार किया कि मीडिया में आया दूसरा विडियो भी उनका है। करीब दो माह पहले रोहतक के एक पार्क में लड़के ने उन्हें छेड़ा था। जब वह गुजरने लगी तो उसे टांग अड़ाकर गिराने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्होंने लड़के की धुनाई की थी।
चरित्र पर सवाल उठाने वालों से मांगा जवाब .........
रोहतक की इन लड़कियों ने कहा कि हमारे चरित्र को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे लोग सुबूत पेश करें। किसी लड़की के चरित्र पर अंगुली न उठाएं। उन्होंने स्वीकार किया कि बस में सीट विवाद हुआ था। मारपीट गंदी हरकतों के कारण हुई थी।
लड़कियों से ही क्यों लड़कों से भी करें सवाल...
पूजा ने कहा कि उनसे ही सारे सवाल क्यों पूछे जा रहे हैं। आरोपी लड़कों से भी पूछो। समाज में ऐसे लोगों को सबक सिखाना चाहिए।
....जींस पहनी थी, इसलिए दिया करारा जवाब
बहादुर बेटियों ने कहा कि पहनावे पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। छात्राओं को शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने जींस पहनी थी, इस कारण ही सही जवाब दे सकीं। लड़कियों को अपने अंग प्रदर्शन वाले कपड़े नहीं पहनना चाहिए।
लड़कियां समाज का गहना होती हैं। मल्टी मीडिया फोन के सवाल पर भी लड़कियों ने कहा कि फोन जरूरत है। उसका सही उपयोग होना चाहिए। स्कूल-कॉलेज के समय मोबाइल का उपयोग नहीं होना चाहिए।
जैसा देश, वैसा भेष को अपनाना चाहिए। छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के सवाल पर इन लड़कियों ने कहा कि उन्होंने किसी तरह का औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है। लड़कियों को अपनी हिम्मत से जवाब देना चाहिए।