Punjab News: पाकिस्तान जाने की फिराक में थे 11 बांग्लादेशी, बीएसएफ ने अटारी सीमा पर दीवार फांदते पकड़ा
पकड़े गए लोगों में महिला और बच्चे भी शामिल हैं। यह लोग जेसीपी अटारी में छिपे हुए थे और दीवार फांदकर पाकिस्तान जाने की फिराक में थे। बीएसएफ ने इन्हें दीवार फांदते हुए गिरफ्तार कर लिया।
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बुधवार व गुरुवार की मध्यरात्रि करीब दो बजे 11 बांग्लादेशियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे सीमांत गांव रोड़ांवाली गांव की तरफ से इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) अटारी पहुंच गए। तीन बच्चों और तीन महिलाओं समेत 11 बांग्लादेशी पाकिस्तान जाने की फिराक में थे।
आईसीपी की दीवार 10 फुट से भी ज्यादा ऊंची है। सीढ़ी का इंतजाम नहीं हुआ तो अमृतसर के एक एजेंट ने इन्हें अपने कंधों पर चढ़ा कर दीवार पार करवाई। इस प्रयास में एक महिला का गर्भपात भी हो गया। इसके बाद कंटीली तार तक जाने के लिए वह रात दो बजे तक छिपे रहे लेकिन बीएसएफ के जवानों ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, सीमा पार करने में इनकी मदद करने वाले बंगाल के तीन नागरिक फरार हो गए। उनकी तलाश में पुलिस की टीम बंगाल रवाना हो गई है। वहीं, एजेंट रंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीएसएफ के इंस्पेक्टर योगिंदर सिंह ने बताया कि 11 बांग्लादेशियों समेत कुल 15 आरोपियों के खिलाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों में मोहम्मद सानूर अली, उसकी पत्नी रंजना बेगम, बेटा फियाम, अलाउद्दीन, खालिद हुसैन, मीमार मियां, इस्माइल हुसैन, माइनाह बेगम, नाजिम, तामीन और जोमीर अली शामिल हैं। इनके साथ आए और फरार आरोपियों में पश्चिम बंगाल निवासी सुमन, असादूल मोनडाल, बेनापल निवासी बब्बू और झब्बाल (अमृतसर) निवासी रंजीत सिंह की तलाश की जा रही है। मामले में जांच अधिकारी एसआई अर्जुन कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
11 अक्तूबर को पहुंच गए थे अटारी
11 बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल के तीन नागरिकों के साथ 11 अक्टूबर को पाकिस्तान जाने के लिए अटारी पहुंचे थे। पहले इन लोगों ने रिट्रीट सेरेमनी देखी और इसके बाद वहां से पाकिस्तान जाने की योजना बनाने लगे। इस दौरान ही झब्बाल के रंजीत सिंह ने इन्हें संदिग्ध हालत में देखा तो इनके पास पहुंच कर दोस्ती कर ली। रंजीत सिंह ने उनकी मदद करने की बात कह कर हर सदस्य से 25 हजार रुपये मांगे। उन्होंने उसे 25 हजार रुपये दिए और पाकिस्तान पहुंचने पर बाकी राशि खाते में डलवाने की बात कही।
खाली पड़े बंकर में छिपे रहे
सौदा होने के बाद आरोपी रंजीत सिंह सभी को एक खाली बंकर में ले गया, जहां रात आठ बजे से 11.30 बजे तक उन्हें छिपा कर रखा। इसके बाद देर रात 11:30 बजे वह उन्हें सीमांत गांव रोड़ांवाली की ओर से अटारी की तरफ पहुंचा। इन्होंने कंटीली तार काटने के लिए एक कटर का भी प्रबंध किया।