बूथ घोटाला: सेक्टर-41 के 6 बूथों का अलॉटमेंट रद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित बूथ घोटाले में कार्रवाई करते हुए संपदा विभाग ने सेक्टर-41 स्थित कृष्णा मार्केट के छह बूथों की अलॉटमेंट रद कर दी है। जिन बूथों की अलॉटमेंट रद की गई है, उनमें बूथ नंबर 19, 20, 27, 80, 109 और 228 शामिल हैं।
मई में सर्वे के बाद विभाग ने 8 बूथ सील किए थे, इनमें से दो बूथ मालिकों ने अपनी ऑनरशिप साबित कर दी और उनकी सील खोल दी गई।
डीसी मोहम्मद शाइन ने बुधवार को आदेश जारी कर छह बूथों की अलॉटमेंट रद कर दी। आदेश में कहा गया कि ये बूथ 99 साल की लीज पर अलॉट किए गए थे, जिन्हें इनके लाभपात्रों ने नियम के खिलाफ जाकर बेच दिया। नियम का उल्लंघन करने वाले बूथ मालिकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा सकती है। संपदा विभाग बूथ की प्रीमियम की दस फीसदी राशि भी जब्त कर लेगा।
दो साल पहले जांच हुई थी पूरी
चंडीगढ़ के पूर्व एडीसी पीएस शेरगिल की प्राथमिक जांच के बाद चंडीगढ़ के तत्कालीन उपायुक्त बृजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने लगभग दो साल पहले अपनी जांच पूरी की थी।
इस समिति ने अपनी जांच में यह पाया था कि ट्राइसिटी में कमर्शियल प्रापर्टी होने के बावजूद जहां कुछ लोगों को सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट में बूथ अलाट किए गए थे, वहीं जांच में यह भी आया था कि कुछ अलॉटियों ने अपने बूथ बेच दिए थे या इन्हें सब लेट कर दिया था। ये बूथ 2002 से 2007 के बीच अलाट किए गए थे।
सर्वे में यह सामने आया
बूथ नंबर------अलाटी-------मौजूदा व्यक्ति
20------------हीरा लाल----अमन
80------------सतपाल-------संगीता पटेल
228-----------वेद प्रकाश------सोनू
109-----------विजय कुमार----बलविंदर सिंह
27-------------शिवनाथ--------मोहम्मद गुलाब
19-------------हरीश कुमार-----पूजा रानी
(6 मई और 27 मई के सर्वे में बूथ चलाते इन्हें पाया गया)
59 बूथ आए थे शक के दायरे में
ऑनरशिप की जांच के लिए किए गए सर्वे में 59 बूथ शक के दायरे में आए थे। इसके बाद इनके मालिकों को नोटिस देकर अपनी ऑनरशिप साबित करने को कहा गया।
इनमें से छह बूथों के मालिक एक भी ऐसा बिल नहीं दिखा पाये जो उनके नाम पर काटा गया हो। सर्वे के दौरान मार्केट के कुल 289 में से 19 बूथों पर ताला लगा मिला था।
अलॉटमेंट की शर्तों के हिसाब से अलॉटी न तो इसे बेच सकते थे और न ही इसे आगे किसी को किराए पर दे सकते थे। सर्वे के दौरान इस बूथ मार्केट में 289 में से 19 बूथों पर ताला मिला था।