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Chandigarh News: नहीं मिलीं किताबें...अब स्कूल खुद तैयार करेंगे छठी कक्षा के मिड टर्म गणित का पेपर

Sun, 18 Aug 2024 04:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:51 AM IST
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Books not received... now schools themselves will prepare the mid-term maths paper for class 6
चंडीगढ़। शहर के सभी सरकारी स्कूल इस बार छठी कक्षा के गणित का मिड टर्म का पेपर खुद से तैयार करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि चंडीगढ़ के 108 सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा के बच्चों को गणित और अन्य किताबें नहीं मिली हैं। अगले महीने से विद्यार्थियों की मिड टर्म परीक्षाएं होनी हैं। किताबें न आने से बच्चों की पर्याप्त पढ़ाई न होने से डीईओ ने छठी कक्षा का गणित का पेपर स्कूलों को खुद से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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आठवीं कक्षा तक मिड टर्म के प्रश्न पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा केंद्रीकृत तरीके से तैयार किए जाते हैं, लेकिन इस बार गणित का पेपर स्कूलों को तैयार करने के लिए कहा है। अभी तक छठी कक्षा के बच्चों को किस्त में हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत की पुस्तकें मिली हैं। आधा साल बीत गया है और हजारों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा की गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों का स्टॉक नहीं दिया है। अमर उजाला द्वारा शहर के विभिन्न पुस्तक विक्रेताओं से छठी कक्षा की एनसीईआरटी की पुस्तकों की उपलब्धता के बारे में पूछने पर पता चला कि गणित के अलावा उनके पास सभी किताबों का स्टॉक उपलब्ध है। नाम न बताने की शर्त पर गणित शिक्षक ने बताया कि 10 अगस्त को एनसीईआरटी द्वारा वेबसाइट पर पुस्तक अपलोड की गई लेकिन हार्ड कॉपी नहीं मिली। पुस्तक अपलोड न होने तक वह बच्चों को पुराने पाठ्यक्रम से पढ़ा रहे थे और अब नई पुस्तक से पढ़ाना शुरू किया है। जब पुस्तक ही कुछ दिन पहले आई है उसमें से क्या प्रश्नपत्र तैयार करेंगे और बच्चों को पाठ्यक्रम कैसे करवाएंगे, यह चुनौती है। बच्चे भी परेशान हैं कि पेपर में क्या आएगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक ने बताया कि नई पुस्तकें न आने के चलते वह बच्चों को पुरानी वाली से पढ़ा रहे थे, लेकिन नई पुस्तकें आने पर उन्हें नए सिरे से पढ़ाना होगा। आधा साल बीत जाने के बाद वह बच्चों को पूरी किताब कैसे पढ़ाएंगे, यह चिंता का विषय है। शिक्षा विभाग ने पहले मई माह के मध्य तक पुस्तकें आने का आश्वासन दिया था फिर जुलाई माह के अंत तक का और अब विभाग अगले कुछ दिनों में किताबें आने का कह रहा है।
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