भाजपा ने 6 नेताओं को पार्टी से निकाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में कूदे छह नेताओं को पार्टी ने छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें कुछ दूसरी पार्टी के सिंबल से भी चुनाव मैदान में आ गए हैं।
पार्टी से बगावत करने को अनुशासनहीनता मानने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर इनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद कर दी गई है।
प्रदेश कार्यालय सचिव गुलशन भटिया ने जारी एक बयान में बताया कि इनका निष्कासन पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने किया है। निष्कासित कुछ नेता तो चुनाव से चंद महीनों पहले ही भाजपा में आए थे।
ये सभी टिकट की मांग कर रहे थे। टिकट न मिलने पर बगावत कर चुनाव मैदान में उतर गए। इससे पार्टी प्रत्याशियों को ही नुकसान हुआ है।
जिनका निष्कासन किया गया, उनमें बिजेंद्र चाहर, नफे सिंह राठी, नरेंद्र शर्मा, चंदर भाटिया, रामनिवास पांचाल व प्रवेश मेहता शामिल है।
कौन कहां से लड़ रहा चुनाव
निष्कासित किए गए सभी नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें बिजेंद्र चाहर बादली से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के सामने ताल ठोकी हुई है।
चाहर ने पिछली बार भी चुनाव लड़ा था और प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर भी दी थी। इनके अलावा नफे सिंह राठी कुछ समय पहले ही इनेलो छोड़ भाजपा में आए, टिकट नहीं मिली तो इन्होंने भी बहादुरगढ़ ताल ठोक दी।
नरेंद्र शर्मा कैथल जिले के पुंडरी विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। रामनिवास पांचाल का है, समालखा से बसपा के सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं।
चंदर भाटिया को टिकट नहीं मिली तो वे इनेलो में चले गए। बड़खल से चुनाव लड़ रहे हैं। ओल्ड फरीदाबाद से प्रवेश मेहता को टिकट नहीं दी गई तो उन्होंने भी इनेलो ज्वाइन की और भाजपा प्रत्याशी के सामने ही चुनाव मैदान में हैं।