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BJP के वरिष्ठ नेता राजखुराना पंचतत्व में विलीन, हजारों ने दी अंतिम विदाई
ब्यूरो/अमर उजाला, राजपुरा(पटियाला)
Updated Mon, 26 Dec 2016 05:52 PM IST
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भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक राजखुराना नहीं रहे
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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राज खुराना नहीं रहे। सोमवार शाम उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। उन्हें विदाई देने के लिए काफी लोग उमड़े। वे बीती 7 अगस्त से गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल में दाखिल थे। रविवार रात अचानक तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। राजखुराना इलाके के एक लोकप्रिय नेता थे।
जैसे ही राजखुराना के निधन की खबर राजपुरा में पहुंची, लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग सुबह से ही उनके निवास पर शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचने लग गए। दोपहर बाद लोगों ने उनके अंतिम दर्शन करने के साथ उनकी शव यात्रा में भी हजारों की संख्या में भाग लिया और नम आंखों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। राजखुराना अपने पीछे दो बेटियों सविता, मालविका और बेटे तरुण खुराना को छोड़ गए हैं।
राजखुराना की छोटी बेटी मालविका का 25 दिसंबर को जन्मदिन था। रात तक सभी परिवार वाले जन्मदिन मनाते रहे कि 12 बजे राजखुराना की दिल की धड़कनें बंद हो गईं। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। उनके शव को सोमवार सुबह 6 बजे तक राजपुरा में लाया गया।
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जैसे ही राजखुराना के निधन की खबर राजपुरा में पहुंची, लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग सुबह से ही उनके निवास पर शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचने लग गए। दोपहर बाद लोगों ने उनके अंतिम दर्शन करने के साथ उनकी शव यात्रा में भी हजारों की संख्या में भाग लिया और नम आंखों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। राजखुराना अपने पीछे दो बेटियों सविता, मालविका और बेटे तरुण खुराना को छोड़ गए हैं।
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राजखुराना की छोटी बेटी मालविका का 25 दिसंबर को जन्मदिन था। रात तक सभी परिवार वाले जन्मदिन मनाते रहे कि 12 बजे राजखुराना की दिल की धड़कनें बंद हो गईं। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। उनके शव को सोमवार सुबह 6 बजे तक राजपुरा में लाया गया।
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कुछ ऐसा रहा राजखुराना का राजनीतिक सफर
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक राजखुराना नहीं रहे
पूर्व विधायक राज खुराना लंबे समय से बीमार थे। वे राजपुरा से भाजपा के विधायक रहे थे। वह लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और हरियाणा के गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में क़रीब छह माह से भर्ती थे। उन्होंने बीती रात 12:05 बजे मेदांता में अंतिम सांस ली। खुराना 2007 से 2012 तक विधायक रहे।
वह मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) भी रहे, लेकिन बाद में भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर उनको सीपीएस के पद से हटा दिया गया था। कांग्रेस से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले राज खुराना पांच चुनाव लड़े। वह तीन बार एमएलए बने और दो बार चुनाव हारे।
भाजपा के बलराम जी दास टंडन से हारने के बाद वह कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। 2012 के चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के हरदयाल कंबोज से हार गए थे। खुराना बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए बाबुलपुरी समाज से बड़े नेता माने जाते थे।
राजपुरा विधान सभा हलका में इस समाज के क़रीब 45000 वोटर है। इसी कारण खुराना के बेटा तरुण खुराना भी इस बार राजपुरा से भाजपा के टिकट के मज़बूत दावेदार हैं।
वह मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) भी रहे, लेकिन बाद में भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर उनको सीपीएस के पद से हटा दिया गया था। कांग्रेस से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले राज खुराना पांच चुनाव लड़े। वह तीन बार एमएलए बने और दो बार चुनाव हारे।
भाजपा के बलराम जी दास टंडन से हारने के बाद वह कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। 2012 के चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के हरदयाल कंबोज से हार गए थे। खुराना बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए बाबुलपुरी समाज से बड़े नेता माने जाते थे।
राजपुरा विधान सभा हलका में इस समाज के क़रीब 45000 वोटर है। इसी कारण खुराना के बेटा तरुण खुराना भी इस बार राजपुरा से भाजपा के टिकट के मज़बूत दावेदार हैं।