जींद उपचुनावः 11 लोगों ने पेश की टिकट की दावेदारी, इन्हीं में से एक पर बीजेपी लगा सकती दांव
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जैसे-जैसे उपचुनाव के लिए नामांकन की तारीख नजदीक आ रही है, कड़ाके की ठंड के बीच राजनीतिक गलियारे में गर्मी आने लगी है। पार्टी का उम्मीदवार तय करने के लिए शुक्रवार को भाजपा के पर्यवेक्षक सुधा यादव और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बीजेपी कार्यालय में संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के मन की थाह ली। हालांकि दोनों ने कहा कि जिन लोगों ने चुनाव मैदान में उतरने की इच्छा जताई है, उनकी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को दी जाएगी। इसके बाद ही उम्मीदवार का फैसला होगा।
धनखड़ ने कहा कि पार्टी का प्रयास रहेगा कि जिन लोगों ने दावेदारी की है, उनमें से ही किसी को उम्मीदवार बनाया जाए। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता की भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन से मुलाकात नहीं हुई है। इस दौरान उन्होंने उनकी अन्य नेताओं से मुलाकात के सवाल को टाल दिया।
पर्यवेक्षक के तौर पर भाजपा की राष्ट्रीय सचिव सुधा यादव और प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ शुक्रवार दोपहर पार्टी कार्यालय पहुंचे। पर्यवेक्षकों के समक्ष अपनी-अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने के लिए सभी उम्मीदवार पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंचे थे। पूरा दिन पार्टी कार्यालय में पर्यवेक्षकों ने एक-एक दावेदार की परख की। पर्यवेक्षकों ने उम्मीदवारों के साथ पहुंचे उनके समर्थकों से भी उनकी मजबूती के कारण भी पूछे।
11 लोगों ने पेश की दावेदारी
पार्टी पर्यवेक्षकों के समक्ष भाजपा के 11 नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की। इनमें से फीडबैक के लिए सबसे पहले मास्टर गोगल, इसके बाद टेकराम कंडेला, डॉ. कृष्ण मिढ़ा, राजेश गोयल, लीलाधर मित्तल, डॉ. ओपी पहल, जवाहर सैनी, सुरेंद्र बरवाला, सज्जन गर्ग, रामफल शर्मा व बलकार डाहौला शामिल हैं। इस दौरान सभी उम्मीदवारों में से राजेश गोयल ऐसे उम्मीदवार रहे जो मौके पर मौजूद नहीं थे। पर्यवेक्षकों ने एक नेता के समर्थकों से जातीय संख्या के अलावा ग्रामीण व शहरी संख्या की भी जानकारी ली। इसके बाद सभी संभावित उम्मीदवारों से एक-एक कर अकेले में बातचीत की गई।
टिकट के इच्छुक लोगों ने किया शक्ति प्रदर्शन
पर्यवेक्षकों के सामने अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करने के लिए सभी टिकट के इच्छुक दावेदारों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी उम्मीदवारों के समर्थकों अपने-अपने नेता के लिए नारे लगाए तो कृषि मंत्री ओपी धनखड़ को कहना पड़ा कि यदि कोई भी नारे लगाता है तो यह उस उम्मीदवार के खिलाफ जाएगा।
हाईकमान को दी जाएगी रिपोर्ट
भाजपा के पास उपचुनाव को लेकर कई उम्मीदवार हैं। उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। आज जींद में पहुंचकर उम्मीदवारों व उनके कार्यकर्ताओं की राय ली गई है। कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद एक-एक उम्मीदवार से भी राय ली जाएगी। इसके बाद यह रिपोर्ट हाई कमान को भेजी जाएगी। इसके बाद हाई कमान उम्मीदवार का फैसला करेगी। - ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री