भाजपा विधायक का आरोप- एएमओ भर्ती में हुआ फर्जीवाड़ा, सिविल सर्जन बोले- दबाव बनाना चाहते हैं
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बिना पर्ची और खर्ची के नौकरी देने का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार के ही विधायक ने अब नागरिक अस्पताल में हुई भर्ती पर सवाल उठा दिए हैं। इसको लेकर विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने सोमवार को खुद सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान से मिलने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने एएमओ की भर्ती पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यहां मेरिट को दरकिनार कर एक उम्मीदवार को नौकरी दी गई है। विधायक के आरोपों को नकारते हुए सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने कहा कि आरोप निराधान हैं। उन्होंने कहा कि विधायक उन पर दबाव बना रहे हैं और धमकी दे रहे हैं।
सोमवार को नागरिक अस्पताल में एक एएमओ की नियुक्ति को लेकर विधायक मिड्ढा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अन्य उम्मीदवार के रेजिडेंस तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के नंबर नहीं जोड़े गए, बल्कि तीसरे नंबर के उम्मीदवार को इसका लाभ देते हुए पहले नंबर पर कर दिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने डीसी डॉ. आदित्य दहिया को दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह यह मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में लाएंगे। सिविल सर्जन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
सोमवार दोपहर में विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे। यहां पर उनकी सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान से आधा घंटे तक बातचीत हुई। बाहर आने के बाद विधायक ने कहा कि नागरिक अस्पताल में एएमओ की भर्ती में सिविल सर्जन ने फर्जीवाड़ा किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस उम्मीदवार का चयन किया गया है, उसको अधिक नंबर देकर पहले स्थान पर कर दिया, जबकि एक अन्य उम्मीदवार के न तो शैक्षणिक गतिविधियों के नंबर जोड़े और न ही स्थानीय रेजिडेंस के नंबर जोड़े। इस पूरे मामले की शिकायत डीसी से भी की है। विधायक ने कहा कि वह पूरा मामला सीएम के संज्ञान में लाएंगे।
बाद में सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने पत्रकारों से कहा कि विधायक ने जो आरोप लगाए हैं, वह सब निराधार हैं। लिखित परीक्षा के लिए अलग, साक्षात्कार तथा शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच के लिए तीन-तीन सदस्यीय कमेटियां गठित की गई हैं। इस स्क्रीनिंग कमेटी ने जिसके नंबरों को अधिक पाया, उसी को पहला स्थान दिया है। यदि स्क्रीनिंग कमेटी से कोई गलती हुई है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक उन पर दबाव बनाना चाहते हैं। विधायक ने उन्हें धमकी भी दी है। विधायक नागरिक अस्पताल में अपने चहेतों को लगवाना चाहते हैं, जिसको उन्होंने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यहां जो भी लगेगा, वह मेरिट के आधार पर लगेगा। इसी कारण विधायक उनसे नाराज हैं। विधायक ने उनको जिन-जिन लोगों को लगाने की लिस्ट दी है, वह सब उनके पास है। विधायक ने उन्हें फोन पर धमकी भी दी है। यदि जरूरी हुआ तो वह समय आने पर यह सब सार्वजनिक कर देंगे।
अदालत का खटखटाएंगे दरवाजा
वहीं जिस उम्मीदवार का चयन एएमओ पद पर नहीं हो पाया उसके पति संजय पंवार के अनुसार उसकी पत्नी की शैक्षणिक या रिहायश की मेरिट को दरकिनार किया गया है। इसकी शिकायत सिविल सर्जन को दे दी गई है। साथ ही आरटीआई से इसकी जानकारी भी मांगी गई है। यदि प्रशासनिक स्तर पर इसका समाधान नहीं किया गया तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
दबाव बना रहे हैं विधायक
विधायक दबाव बना रहे हैं। वे चाहते हैं कि सभी उम्मीदवार उनके लगें। उनकी पर्चियां भी आई हुई हैं। कई प्रकार के साक्ष्य मेरे पास हैं। समय आने पर इनको सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल किसी विवाद में नही पड़ना चाहता। प्राथमिकता जिला को कोरोना से बचाना है। डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन
मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। दोनों पक्षों से बातचीत हुई है। विधायक ने जो शिकायत दी है, उसके आधार पर जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, जींद।