बैठक में भाजपा मंत्री ने सुनाए डायलॉग, बोले- रोने नहीं दूंगा, डर कर जीने नहीं दूंगा, अनिल विज हूं...
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कष्ट निवारण समिति की बैठक में भाजपा मंत्री ने अफसरों और पुलिस कर्मियों को लताड़ लगाते हुए ऐसे-ऐसे डायलॉग सुनाए, सुनकर सभी हैरान रह गए। अपने रौद्र रूप और हाथों हाथ न्याय दिलवाने के लिए मशहूर हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान पुलिस कर्मियों को जमकर लताड़ा। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी जमकर भड़के।
उन्होंने तत्काल प्रभाव से दो एएसआई को सस्पेंड किया और एक इंस्पेक्टर को 150 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया। इतना ही नहीं एक मामले में उन्होंने पुलिस अधिकारी को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर देकर कहा कि शाम तक मामले की जांच करके कार्रवाई की रिपोर्ट उनके पास व्हाट्सएप पर भेज दें। इस दौरान उन्होंने हुड्डा विभाग द्वारा बरती गई लापरवाही और मनमानी पर एक एसडीओ और एक जेई को भी सस्पेंड किया।
पीड़ित को विभाग पर हर्जाने का केस करने तक की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने विभाग को उसके नुकसान की भरपाई करवाने के आदेश दिए। इस दौरान मंत्री की न्याय प्रणाली के साथ उनके डॉयलाग के भी चर्चे रहे। गांव पाथरी निवासी राधा रानी की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने डीएसपी को अपना पर्सनल नंबर देकर कहा कि मुझे संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर करके व्हाट्सएप पर मैसेज करें।
वहीं इस मामले में उन्होंने तत्कालीन एसएचओ महेंद्र को सस्पेंड कर दिया। एएसआई कप्तान सिंह का घर से 150 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं लोगों को ऐसे रोने नहीं दूंगा, डर कर जीने नहीं दूंगा, मैं अनिल विज हूं।
हाथ जोड़कर बोले, लंका में सभी 52 गज के
पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ तीन मामले सुन चुके मंत्री के सामने चौथा मामला भी पुलिस कार्यप्रणाली के खिलाफ आया। इसमें चांदनी बाग थाना के अंतर्गत एक युवक को साजिश के तहत मारने का प्रयास किया गया। इस मामले में पुलिस ने तथ्य ही बदल दिए। जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी पुलिस कर्मचारी ने कैंसलेशन रिपोर्ट जमा करवा दी।
इस पर मंत्री ने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि लंका में सभी 52 गज के हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी शराब कारोबारियों के साथ मिलकर ऐसा किया गया है, तो मंत्री बोले- पुलिस तो है ही शराब कारोबारियों पर मेहरबान। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अगली बैठक तक सभी आरोपी जेल के अंदर होने चाहिए।
बिना नोटिस के किसी के घर में कैसे घुस गए
हुडा द्वारा बिना नोटिस दिए मकान ढहाए जाने वाले मामले में मंत्री अनिल विज ने अफसरों को जमकर लताड़ा। उन्होंने संबधित एसडीओ और जेई को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने अफसरों को धमकाते हुए कहा कि बिना परमिशन या नोटिस के तुम किसी के घर में नहीं घुस सकते, तुमने तो मकान ढहा दिया।
इस पर अधिकारी बोले कि हम तो सरकार का फायदा कर रहे थे, तो मंत्री ने उन्हें और ज्यादा लताड़ा। बोले सरकार की चापलूसी बंद करो। ऐसा कोई कानून है तो दिखाओ, वर्ना आई विल हैंग यू। इससे संबधित कोई पुख्ता सबूत पेश न कर पाने की सूरत में मंत्री ने एसडीओ देवेंद्र मलिक और जेई कर्मबीर को सस्पेंड कर दिया।