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Adampur Bypoll: आदमपुर में कभी जीत नहीं सकी भाजपा, अब भजन लाल परिवार के सहारे कमल खिलाने की चाह
Tue, 11 Oct 2022 05:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 11 Oct 2022 05:10 PM IST
सार
कुलदीप बिश्नोई का कहना है कि आदमपुर उनके परिवार का घर है। पूरे क्षेत्र के सुख दुख में वह शामिल होते हैं। उनके पिता के समय से ही यह चला आ रहा है। यहां से भव्य बिश्नोई इस बार भाजपा को सीट जिताकर देंगे।
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भजन लाल, कुलदीप बिश्नोई और भव्य बिश्नोई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आदमपुर में भाजपा पहली बार भजन लाल परिवार के सहारे कमल खिलाना चाह रही है। यहां 1967 से लेकर अब तक हुए चुनावों-उपचुनावों में भाजपा कभी नहीं जीती। अब तक कुल 12 चुनाव हुए, जिनमें भजन लाल परिवार नौ बार कांग्रेस टिकट पर जीता, दो बार हजकां बीएल से भजन लाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई और बहू रेणुका बिश्नोई जीतीं। एक बार जनता पार्टी को खाता खोलने का मौका मिला, तब भी भजन लाल ही जीते थे।
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भजन लाल के बेटे कुलदीप के भाजपा में शामिल होने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। भाजपा ने कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई को मैदान में उतारा है। पार्टी को उम्मीद है कि भजन लाल परिवार के करिश्मे के बूते यहां कमल खिल सकता है। भाजपा ने जींद में इनेलो के गढ़ में भी 2019 में पहली बार 52 साल बाद कमल खिलाया था। यह सीट इनेलो विधायक हरि चंद मिड्ढा का गढ़ रही। उनकी मृत्यु के बाद बेटे कृष्ण चंद मिड्ढा भाजपा में शामिल हो गए थे और जनवरी माह में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस और जजपा को हराया था। जजपा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह दूसरे व कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे।
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अब आदमपुर में भी भाजपा यही दोहराना चाह रही है। उसे साफ दिख रहा है कि भजन लाल परिवार यहां कमल खिला सकता है। हालांकि, कांग्रेस इस सीट को भजन लाल परिवार का नहीं, बल्कि अपना गढ़ मानती है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान कह रहे हैं कि भजन लाल परिवार ने कांग्रेस को आधार बनाकर ही यहां अपनी जड़ें जमाई। भजन लाल के जाने के बाद कुलदीप बिश्नोई पर आदमपुर की जनता को विश्वास नहीं रहा। पहले उन्होंने हजकां बीएल का भाजपा के साथ नाता जोड़ा, उसके बाद कांग्रेस में विलय किया। अब कांग्रेस छोड़कर फिर भाजपा में शामिल हो गए, अपने निजी स्वार्थ के लिए वह दल-बदलते रहते हैं।
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भजन लाल या उनका परिवार ही जीता
आदमपुर सीट पर आज तक भजन लाल परिवार ही जीता है। 1987 में तो भजन लाल की पत्नी जसमा देवी भी यहां से विधायक रह चुकीं। भजन लाल ने 2005 में कांग्रेस से इसलिए नाता तोड़ लिया था, उनके प्रदेशाध्यक्ष रहते कांग्रेस ने 67 सीटें जीती थीं, लेकिन पार्टी आलाकमान ने उनकी जगह भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बना दिया। हालांकि उनके बेटे चंद्रमोहन डिप्टी सीएम बने। लेकिन, भजन लाल और उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई न सरकार से नाराज होकर 2007 में अपनी अलग पार्टी हजकां बीएल बना ली, जिसका 2016 में कांग्रेस में विलय हो गया था।
कब कौन जीता
1968 भजन लाल कांग्रेस
1972 भजन लाल कांग्रेस
1977 भजन लाल जनता पार्टी
1982 भजन लाल कांग्रेस
1987 जसमा देवी कांग्रेस
1991 भजन लाल कांग्रेस
1996 भजन लाल कांग्रेस
2000 भजन लाल कांग्रेस
2005 भजन लाल कांग्रेस
2009 रेणुका बिश्नोई हजकां
2014 कुलदीप बिश्नोई हजकां
2019 कुलदीप बिश्नोई हजकां