इनेलो-कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की सेंध
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा को उम्मीदों से बढ़ कर मिला जनाधार दूसरे दलों को नसीहत दे गया है। अब तक कांग्रेस और इनेलो के इर्द गिर्द घूमती सत्ता की धुरी इस बार भाजपा के पक्ष में घूमेंगी।
दस साल से सत्ता से बाहर इनेलो को एक बार फिर से विपक्ष में बैठना पड़ेगा। जबकि दस साल से सत्ता का सुख भोग रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
चुनाव से ठीक पहले दक्षिण हरियाणा में नौकरियों के भेदभाव को लेकर कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठाने वाले कैप्टन अजय सिंह यादव भी अपनी सीट नहीं बचा सके।
चौटाला परिवार को तगड़ा झटका
ओम प्रकाश चौटाला की राजनीतिक विरासत के गढ़ में भी भाजपा ने अपनी छाप छोड़ दी है। उचाना से दुष्यंत चौटाला की हार ने चौटाला परिवार को तगड़ा झटका दिया है।
हालांकि डबवाली से नैना चौटाला और ऐलनाबाद से अभय सिंह चौटाला अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। भाजपा की इस लहर का नुकसान कांग्रेस और इनेलो दोनों को झेलना पड़ा है। जिसमें डेरा फैक्टर ने भी अहम भूमिका निभाई है।
डेरे के प्रभाव का कितना फायदा भाजपा को मिला है यह मतगणना के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल बिरेंद्र सिंह की पत्नी ने उचाना से जीत दर्ज करवा कर बिरेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा बचाने का काम किया है। इस सीट पर मुकाबला कांटे का था।