फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   BJP had Crisis of candidates due to farmers protest in Local bodies election in punjab 

निकाय चुनाव : किसान आंदोलन के कारण भाजपा को उम्मीदवारों का संकट, पदाधिकारियों को बनाया विकल्प  

Tue, 26 Jan 2021 01:37 PM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 26 Jan 2021 01:37 PM IST
विज्ञापन
BJP had Crisis of candidates due to farmers protest in Local bodies election in punjab 
चुनाव - फोटो : file

पंजाब में विधानसभा चुनाव में अकेले कूदने का मन बना चुकी भारतीय जनता पार्टी को किसानों का विरोध देखते हुए निकाय चुनाव में ही रणनीति बदलनी पड़ रही है। कमजोर उम्मीदवारों के बजाय पार्टी ने अपने पदाधिकारियों को ही चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इसमें बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश पदाधिकारियों को पार्टी टिकट देगी। चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में पार्टी को संबंधित सीट से पदाधिकारियों को मजबूत विकल्प देना होगा।

विज्ञापन


कृषि कानूनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई इन दिनों बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। भाजपा के नेता पिछले दो माह से कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध झेल रहे हैं। निकाय चुनाव के दौरान भी प्रचार प्रसार करने वाले पार्टी के नेताओं को किसानों का विरोध झेलना पड़ रहा है। ऐसे में निकाय चुनाव में पार्टी के सामने उम्मीदवारों का संकट खड़ा हो गया था।
विज्ञापन



कार्यकर्ताओं ने तो प्रदेश स्तरीय बैठकों में बिना पार्टी सिंबल के चुनाव लड़ने की वकालत तक कर दी थी। इन सब मुश्किलों के बीच में भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम ने बड़ा फैसला किया है। कोर कमेटी की बैठक में भाजपा प्रभारी ने उम्मीदवारों के संकट से उबारने के लिए अब संगठन पदाधिकारियों को चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं। भाजपा प्रभारी ने कहा है कि यदि संबंधित सीट से संगठन पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ता है तो उसे एक बेहतर विकल्प पार्टी को देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने संगठन पदाधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा है कि भाजपा तब भी पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ती थी, जब प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाती थी, लेकिन अब तो पार्टी का जनाधार बढ़ने के साथ ही पार्टी के विधायक और सांसद भी हैं।

वरिष्ठ पदाधिकारी भी लड़ेंगे चुनाव
निकाय चुनाव में इस बार भाजपा बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को चुनाव में उतारेगी। पार्टी के सूत्रों के अनुसार भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर गहन मंथन चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 27 या 28 जनवरी तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। इधर, भाजपा प्रभारी ने दावा किया है कि आज भले ही परिस्थितियां कुछ भी हों, लेकिन पार्टी इस सेमीफाइनल और फाइनल दोनों को जीतेगी।

लुधियाना में बनेगा चुनाव कार्यालय
निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी चुनाव कार्यालय चंडीगढ़ के बजाय लुधियाना में बनाएगी। 30 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पार्टी का मुख्यालय चंडीगढ़ से लुधियाना स्थानांतरित कर दिया जाएगा। जहां से प्रदेश स्तर के पदाधिकारी चुनाव को लेकर नजर रखेंगे और रणनीति तय करेंगे।

पंजाब में आसान नहीं है डगर
किसान आंदोलन को देखते हुए एनडीए के घटक में से अकाली दल पहले ही अलग हो चुका है। अकालियों ने अपने लिए अलग राह चुन ली है। जिसे देखते हुए पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब पर है। हरियाणा में निकाय चुनाव के नतीजों की बानगी पार्टी के सामने आ चुकी है। यहां किसान आंदोलन के कारण पार्टी को तीन में से निगम की एक ही सीट हासिल हुई। ऐेसे में पंजाब में भी डगर आसान नहीं है।

संगठन चुनाव के लिए ही तैयार किया जाता है, परिस्थितियां चाहे सम हों या विषम। निकाय चुनाव में इस बार जो भी संकट आ रहे हैं उनसे मुस्तैदी के साथ भाजपा लड़ेगी और जीत सुनिश्चित करेगी। संगठन पदाधिकारियों को भी बैठक के दौरान कुछ जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं, जिन पर सख्ती से पालन करने को कहा है। - दुष्यंत गौतम, भाजपा प्रभारी, पंजाब राज्य

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed