मेयर पर घमासान, बचाव में उतरी भाजपा तो कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
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सत्ता में होने के बावजूद मेयर आशा जसवाल सहित तीन भाजपा पार्षदों पर आपराधिक मामला दर्ज होने से पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है। पार्टी मेयर के बचाव में आ गई है।
जबकि केस दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने मेयर से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा मांगा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब सत्ता में रहते हुए किसी सिटिंग मेयर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
वहीं कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि मेयर आशा जसवाल खुद वकील हैं। उनको ही नियमों की जानकारी नहीं है। मेयर आशा जसवाल के अलावा भाजपा पार्षद राजेश कालिया, रवि शर्मा और अन्य पर भी मामला दर्ज हुआ है।
कालिया को छोड़कर बाकी सभी पर पहली बार मामला दर्ज हुआ है। कालिया वहां से पार्षद हैं जहां पर स्नेहालय में जबरदस्ती घुसने का आरोप लगा है। कालिया के कहने पर ही मेयर स्नेहालय में अन्य पार्षदों के साथ गई थीं। इस मामले में मेयर के विरोधी पार्षद भी उनके समर्थन में आ गए हैं।
पूर्व मेयर राजबाला मलिक ने कहा कि मेयर शहर का प्रथम नागरिक होता है। मेयर पर सामाजिक कार्यों के लिए कहीं पर जाने पर कोई पाबंदी नहीं है। अगर कहीं पर कुछ गलत हो रहा है तो वहां पर भी मेयर जा सकती हैं।
मेयर और पार्षद जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि है जबकि अधिकारियों की कोई जबावदेही जनता के प्रति नहीं होती है। मेयर ने स्नेहालय में जाकर ठीक किया है। भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने कहा कि मेयर पर मामला दर्ज होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मामले की तह तक जांच होनी चाहिए: टंडन
शहर के प्रथम नागरिग पर मामला दर्ज होना शहर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उनकी वार्ड पार्षद राजेश कालिया से बात हुई है। स्नेहालय में जानकारी देने के बाद ही मेयर गई थीं। मेयर के ऊपर पूरे शहर की जिम्मेवारी है ऐसे में उन्होंने जाकर कुछ गलत नहीं किया है।
आरोपी भाजपा पार्षद रवि शर्मा का कहना है कि अपनी कमियों को छुपाने के लिए निदेशक ने मामला दर्ज करवाया है। पुलिस की भी यह लापरवाही है कि उन्होंने बिना जांच किए ही मामला दर्ज कर लिया जबकि पुलिस को दूसरे पक्ष के भी ब्यान दर्ज करके कानूनी राय लेनी चाहिए। उनका कहना है कि स्नेहालय में पहले सूचना देने के बाद ही मेयर सहित पार्षद गए थे।
कांग्रेस नेता सुभाष चावला का कहना है कि मेयर ने स्नेहालय में जाकर पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर कर दी है। ऐसे में नैतिकता के आधार पर मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए। वकील होने के नाते उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
मेयर तत्काल इस्तीफा दें: छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि इस मामले में मेयर को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि जांच प्रभावित न हो। मेयर आशा जसवाल खुद कानून की ज्ञाता है फिर भी पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने का प्रयास किया। राजनीति चमकाने के लिए मेयर ने ऐसा किया है। यह भाजपा की पुरानी आदत है कि वह घटिया राजनीति करते हैं।
मामले की तह तक जांच होनी चाहिए: टंडन
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि इस सारे मामले की तह तक जांच होनी चाहिए। उनकी मेयर और स्नेहालय गए पार्षदों से बैठक हुई है। सभी से बात की गई है। टंडन का कहना है कि मेयर और पार्षदों ने कोई भी गलत कदम नहीं उठाया है जिससे पार्टी और उनको सिर नीचा करना पड़े।
लेकिन जिन व्यक्तियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है, ऐसा लगता है उन्होंने अपनी कमजोरियां छिपाने के लिए ऐसा कदम उठाया है। कुछ ही दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।