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एक सुर में बोले भाजपा-इनेलो, हुड्डा की सुविधाएं वापस ली जाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:38 PM IST
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भूपेन्द्र सिंह हुड्डा
- फोटो : ANI
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से कैबिनेट का दर्जा वापस लिए जाने को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और इंडियन नेशनल लोकदल के सुर एक हो गए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाओं संबंधी फैसला वापस लेने की मांग की है।
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स्थ्य मंत्री अनिल विज ने चौटाला की इस मांग पर सहमति जताई है। विज के मुताबिक किसी पूर्व सीएम को इस तरह की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। पिछली कैबिनेट की बैठकों में भी अंदरूनी तौर पर अनिल विज यह मुददा उठाते रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ने वाड्रा लैंड डील मामले में ढींगरा आयोग भी इनेलो की चार्जशीट को आधार बनाकर बनाया है। अब पूर्व सीएम से सुविधाएं वापस लिए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अपनी सरकार रहते हुए हुड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री के लिए कैबिनेट मंत्री के रैंक की सुविधाएं होने का प्रावधान किया था। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री को चंडीगढ़ में कोठी, कार, स्टाफ एवं अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, जो कि हुड्डा के पास हैैं। पूर्व सीएम मास्टर हुकुम सिंह केपास भी यह सभी सुविधाएं मौजूद थीं।
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अभय चौटाला ने मनोहर लाल खट्टर को लिखे पत्र में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार को जब यह अहसास हो गया कि वह सत्ता में आने वाली नहीं हैै तो उन्होंने यह आदेश पारित कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को चंडीगढ़ में कोठी, कार, स्टाफ व मंत्रियों के समान अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
चौटाला ने कहा कि हुड्डा ने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अपने स्वयं के हित में यह फैसला महज इसलिए लिया ताकि सरकार में रहते हुए बतौर मुख्यमंत्री उन्हें चंडीगढ़ में जो सरकारी सुविधाएं मिल रही थीं, वे सभी सुविधाएं उन्हें सत्ता से बाहर होने पर भी सरकारी खर्च पर मिलती रह सकें। चौटाला के अनुसार मंत्रियों के समान दी गई सुविधाएं सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ हैं।