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चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान मामले में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 07:34 PM IST
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों और गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने तल्ख टिप्पणी की है।
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कोर्ट ने कहा है कि ऐसा लगता है मानो लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि जिस वादे के साथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थापित किया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। 1400 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हुईं। बेंच ने कहा है कि अभी यहां से उन्हीं उड़ानों की सेवाएं लोगों को मिल रही हैं, जो पहले चंडीगढ़ एयरपोर्ट से मिलती थीं।
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हाईकोर्ट का यह रुख एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और केंद्र सरकार की ओर से इंटरनेशनल उड़ानें शुरू करने के लिए ठोस कार्रवाई के लिए और समय की मांग पर सामने आया है। एएआई ने कहा है कि इंडिगो की फ्लाइट 27 मार्च से शुरू हो जाएगी, लेकिन विमानों की कमी के कारण कंपनी की ओर से अभी इंटरनेशनल उड़ानें शुरू होने में वक्त लग सकता है।
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इस पर बेंच ने कहा है कि 1400 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद इंटरनेशनल उड़ानों का शुरू न होना अपने आप में बड़ा घोटाला है, लिहाजा इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उधर, पंजाब के एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल, हरियाणा और यूटी की ओर से पेश हुए सरकारी वकीलों ने भी मामले की सीबीआई से जांच का समर्थन किया है, लेकिन एएआई और केंद्र सरकार की ओर से 10 दिन का समय देने का आग्रह मंजूर करते हुए बेंच ने कहा है कि 31 मार्च को इंटरनेशनल उड़ानों का मसौदा पेश किया जाए, जिसमें बताया जाए कि उड़ानों का क्या शेडयूल होगा।
साथ ही यहां से कितनी इंटरनेशनल उड़ानें शुरू होंगी। चेतावनी भी दी है कि 31 मार्च तक जानकारी न देने की सूरत में जांच सीबीआई को दी जा सकती है।