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सुखना पर बर्ड फ्लू, चिंता न कीजिए आप सुरक्षित हैं...

Fri, 19 Dec 2014 05:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 19 Dec 2014 05:46 PM IST
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Bird flu in chandigarh: preparation of health department

सुखना लेक की बत्तख में बर्ड फ्लू मिलने के बाद शहरवासियों को बचाने के लिए चंडीगढ़ हेल्थ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जीएमएसएच-16 में आइसोलेशन वार्ड व स्क्रीनिंग एरिया बनाया गया है।

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चंडीगढ़ प्रशासन ने जयपुर स्थित एक केमिस्ट शॉप से बर्ड फ्लू में कारगर दवा टेमीफ्लू भी काफी मात्रा में खरीद ली है। शुक्रवार तक इसकी खेप चंडीगढ़ पहुंच जाएगी। वहीं, डाक्टरों को ट्रेनिंग देने का काम भी शुरू हो चुका है। फिलहाल अब तक किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
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मरीज को आइसोलेट कर रोकेंगे संक्रमण
डाक्टरों ने बताया कि यदि बर्ड फ्लू के लक्षण वाला कोई व्यक्ति आता है तो सबसे पहले उसका सैंपल लेकर दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में भेजा जाएगा। साथ ही मरीज को दवा देकर आइसोलेट कर दिया जाएगा, ताकि यह दूसरे पेशेंट में न फैले। दवा की मदद से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
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वाइल्ड लाइफ के 18 कर्मियों के सैंपल लिए
सुखना लेक से मरी बतखों को उठा रहे वाइल्ड लाइफ के 18 कर्मचारियों के भी हेल्थ डिपार्टमेंट ने सैंपल लेकर उन्हें घर पर बैठा दिया है। उन्हें दवा भी दी गई है। डाक्टरों के अनुसार, अब तक उनमें बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। फिर भी उन्हें ‘सर्विलांस’ में रखा गया है, ताकि किसी में कोई लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार किया जा सके।

सुखना के जॉगिंग ट्रैक पर छिड़काव

Bird flu in chandigarh: preparation of health department

सुखना लेक के जॉगिंग ट्रैक पर देर रात मलेरिया विंग की गाड़ियों ने छिड़काव किया, ताकि कोई वायरस हो तो उसे खत्म किया जा सके। देर रात तक स्वास्थ्य विभाग इस प्रयास में जुटा रहा।

विशेषज्ञों ने बताया कि यह वायरस हवा के माध्यम से तेजी से फैलता है। इसलिए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि वायरस जॉगिंग ट्रैक  परभी हो।

मेडिकली फिट, तभी जुड़े बचाव अभियान से
सुखना पर बतखों को मारने के लिए आईलैंड पर भेजी गई टीम के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की गई। मेडिकली फिट होने के बाद ही उन्हें सुखना पर भेजा गया। डाक्टरों का कहना था कि यदि किसी सदस्य को बुखार या जुकाम के लक्षण होते तो उनमें बर्ड फ्लू जल्दी से फैलता। इसलिए जांच की गई। जो फिट थे, उन्हें ही अभियान में भेजा गया।

दफनाई गई बतखों को जलाया जाएगा
चीफ कंजरवेटिव संतोष कुमार ने बताया कि सुखना की करीब 20 बतखों को फारेस्ट की जमीन पर दफनाया गया था। अब उन्हें निकालकर दोबारा से सुनियोजित तरीके से ठिकाने लगाया जाएगा। दरअसल बर्ड फ्लू का वायरस 60 डिग्री पर खत्म होता है। यदि इन बतखों में भी वायरस पाया गया तो उन्हें जलाया जाएगा।

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