हरियाणा: विभागों को नया वाहन न खरीदने का आदेश, बॉयोमेट्रिक हाजिरी भी नहीं होगी, पढ़ें- पांच बड़ी खबरें
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लॉकडाउन के दौरान सरकार ने वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को नए वाहन न खरीदने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि यह फैसला विगत कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल समूह ने लिया था। जिसके अंतर्गत अब सभी विभागों के मुखिया व जिला उपायुक्तों को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जारी आदेशों में कहा गया है कि अगले आदेशों तक सरकार ने फैसला किया है कि कोई भी सरकारी विभाग कोई नई कार, जीप व अन्य वाहन नहीं खरीदेगा। सरकार ने फैसला लिया है कि इस वक्त सरकारी बसें या इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल की ही खरीद की जाएगी। यदि किसी सरकारी विभाग को किसी विशेष परिस्थितियों में वाहन की आवश्यकता है तो वे संबंधित विभाग वाहनों को हायर किया जाएगा। लेकिन इन परिस्थितियों में नया वाहन नहीं किया जाएगा। सरकार की वित्तीय हालात बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हैै। जिसके चलतेेेे सरकार ने उक्त फैसला किया है।
2- बॉयोमेट्रिक हाजिरी नहीं होगी शुरू
हरियाणा के सरकारी विभागों में कामकाज सुचारु होने के बावजूद बायोमेट्रिक हाजिरी अभी शुरू नहीं होगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों व मंडलायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना के केस लगातार सामने आने के कारण अगले आदेशों तक बॉयोमेट्रिक के बजाय रजिस्टर पर ही हाजिरी लगवाई जाए। इसका पूरा रिकॉर्ड कर्मचारी वार साथ-साथ तैयार करें। इससे भविष्य में दिक्कत नहीं आएगी। प्रदेश में कोई भी सरकारी संस्थान या सार्वजनिक उपक्रम बायोमेट्रिक हाजिरी अपनी मर्जी से शुरू नहीं करेगा।
3- पांच नए आईएएस अफसर हरियाणा में देंगे सेवाएं
भारतीय प्रशासनिक सेवा के पांच नवनियुक्त प्रशिक्षु अधिकारियों ने सोमवार को राजभवन में हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से शिष्टाचार भेंट की। इन अधिकारियों में अंकिता चैधरी, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षु) करनाल, हितेश कुमार मीणा, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षु) गुडगांव, नीरज, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षु) करनाल, सलोनी शर्मा, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षु) सोनीपत व वैशाली सिंह, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षु) कुरुक्षेत्र शामिल रहे। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल एवं भव्य भविष्य की कामना की।
उन्होनें कहा कि सभी अधिकारियों की ऐसे चुनौती पूर्ण समय में नियुक्ति हुई है, जब सरकार व प्रशासनिक तंत्र कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने पर काम कर रहे हैं। इस समय नए अधिकारियों को और ज्यादा जिम्मेदारी से काम करने का मौका मिलेगा। जिससे उनकी कार्य क्षमता बढ़ेगी। उन्होनें कहा कि विषम परिस्थितियों में किया हुआ कार्य उनके जीवन का अनूठा अनुभव होगा। इस अवसर पर राज्यपाल की सचिव डॉ जी. अनुपमा ने भी अपने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभव साझा किए।
4- आईएएस शक्ति सिंह अंबाला जिला में नोडल अधिकारी नियुक्त
हरियाणा सरकार ने हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ शुगर मिल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शक्ति सिंह को वर्तमान कार्यभार के अलावा अंबाला जिला में नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वह तुरंत प्रभाव से आगामी आदेशों तक कोविड-19 के कारण ट्रेनों के माध्यम से घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही सुनिश्चित करेंगे।
5- निकायों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार दे 1000 करोड़ रुपये का पैकेज
कोरोना के लॉकडाउन के कारण हरियाणा के स्थानीय निकायों की माली हालत पतली हो गई है। आमदनी के सभी स्रोत बंद होने से निकाय आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के 6 महीने बाद तक भी आर्थिक स्थिति सुधरने के आसार नजर कम ही हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार से निकायों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 1000 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज देने की मांग की है।
शास्त्री के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश तुसामगढ़, महासचिव मांगेराम तिगरा, उप महासचिव सुनील चिंडालिया, शिवचरण व अग्निशमन विभाग एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद ने कहा कि फायर स्टेशन नरवाना, चीका, गुरुग्राम, गन्नौर, बहादुरगढ़, फरीदाबाद पंचकूला, हांसी व मार्केट कमेटी के सभी फायर स्टेशन पर कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। यदि आर्थिक स्थिति को नहीं सुधारा गया तो वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को फंड एवं पेंशन का भी भुगतान नहीं हो पाएगा।
लॉकडाउन में साधनों के अभाव में ड्यूटी पर नहीं आने वाले गरीब ठेका सफाई मजदूरों का वेतन गुरुग्राम व फरीदाबाद सहित अन्य दर्जनों शहरी स्थानीय निकायों में काटा जा रहा है। निकायों व फायर स्टेशन में ठेका कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। निकाय मंत्री अनिल विज से मांग है कि 25 अप्रैल को अंबाला में हुई बैठक में मानी गई मांगें भी पूरी की जाएं।