ओमपुरी के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से कई दिग्गज अभिनेताओं के बयान सामने आए हैं। किसी ने उन्हें श्रृद्धांजलि दी तो किसी ने उनके निजी जीवन से जुड़े रहस्य उजागर किए।
अब फिल्म अभिनेता रजा मुराद ने कहा है कि हिंदुस्तान की फिल्म इंडस्ट्री में साढ़े चार बुलंद आवाजें थीं। इनमें से बस ढाई बच गईं। इनमें एक अमिताभ बच्चन, दूसरी मेरी और आधी कबीर बेदी की है। कबीर बेदी की आधी इसलिए बोल रहा हूं,क्योंकि उसमें आधी अंग्रेजियत है। पिछले दिनों ओमपुरी के अचानक निधन को रजा मुराद ने फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया।
मंगलवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम हाल में भारत रत्न डॉ.बीआर अंबेडकर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के रिलीज कार्यक्रम पर पहुंचे रजा मुराद अमर उजाला से विशेष बातचीत कर रहे थे। रजा मुराद बॉलीवुड की 200 से अधिक फिल्मों के अलावा पंजाबी और कई क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में काम कर चुके हैं। रजा मुराद के अनुसार, उनके पिता मुराद फिल्म इंडस्ट्री में पहले से स्थापित एक्टर थे, लेकिन एक्टिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद अपनी क्षमता को परखने के लिए सिर्फ पांच साल का वक्त दिया था।
उन्होंने कहा कि यदि इन पांच वर्षों में उनके पांव इंडस्ट्री में ना जमते तो वह तय करके आए थे कि फिल्म उद्योग से किनारा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता कहा करते थे कि हर अच्छी और खूबसूरत चीज की तारीफ जरूर करनी चाहिए है,क्योंकि ये तारीख उस चीज या सख्श की नहीं, बल्कि उस खुदा की है, जिसने वो बनाई है।
गौरतलब है कि डॉ.अंबेडकर की 125वीं जयंती पर तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म में रजा मुराद ने आवाज दी है। केयू में आयोजित इस कार्यक्रम में केयू के कुलपति डा.कैलाश चंद्र शर्मा और अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ.राजकुमार वेरका, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर के अलावा रजा मुराद विशेष रूप से आमंत्रित थे।