लुधियाना जेलकांडः मृतक की मां बोली- 'मेरे सामने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट ने बेटे को मारी गोली'
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लुधियाना केंद्रीय जेल में वीरवार को हुए हंगामे के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए अजीत सिंह के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक अजीत की मां मीरा ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में खुलासा किया कि उसके बेटे को डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट ने उसकी आंखों के सामने गोली मारी है, जबकि उसका बेटा कोई हंगामा नहीं कर रहा था।
डीसीपी अश्वनी कपूर ने लिखित शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पीड़ित परिवार के साथ मौजूद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ हैं। अगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। मीरा के अनुसार उसका बेटा अजीत सिंह (21) निजी कंपनी में नौकरी करता था।
लगभग तीन माह पहले थाना ढाबा पुलिस ने उसके बेटे को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया। 27 जून सुबह लगभग 10.30 बजे वह बेटे से मिलने पैदल जेल जा रही थी। रास्ते में उसे उनकी पहचान का राजा मिल गया। वह उसे बाइक पर जेल छोड़ गया। लगभग 11.30 बजे वह केंद्रीय जेल पहुंची तो जेल का मुख्य दरवाजा खुला था।
जैसे वह अंदर बरामदे में पहुंची देखा काफी हंगामा हो रहा है। वहां पर मौजूद मुलाजिम कैदियों को गालियां दे रहे थे। कुछ दूरी पर जेल डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के साथ, जिसे मुलाजिम धालीवाल साहब कह रहे थे, सुपरिंटेंडेंट भी खड़े थे। धालीवाल ने अचानक सुपरिंटेंडेंट को कहा कि ‘हुक्म करो अज्ज ऐना सारया नू बंदा बणाउंदे हां’।
जेल सुपरिंटेंडेंट ने धालीवाल और अन्य मुलाजिमों को गोली चलाने का हुक्म दे दिया। धालीवाल ने बंदूक से फायरिंग शुरू कर दी। उसे बरामदे में देख अजीत आया और मुझे अपने गले लगा लिया। इतना देखते ही धालीवाल के साथ खड़े अन्य मुलाजिम उसके बेटे को पकड़ कर अंदर ले गए। मेरे कुछ कहने से पहले धालीवाल ने अजीत सिंह के सीने में गोली मार दी।
वह मौके पर गिर गया और मौत हो गई। मेरा बेटा किसी हंगामे में शामिल नहीं था, इसके बावजूद उसे जानबूझ कर गोली से मौत के घाट उतारा गया है। डीसीपी अश्वनी कपूर का कहना है कि इस मामले की जांच एडीसीपी अजिंदर सिंह को दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट पर पुलिस कमिश्नर आगे फैसला लेंगे।