पांच महीने पहले मिला था भ्रूण और युवती के कटे पैर, अब डीएनए टेस्ट में हुआ बड़ा खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच महीने पहले सेक्टर- 17 में कटे पैर और भ्रूण मिलने के मामले में अब डीएनए रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि जिस युवती के कटे पैर बरामद हुए थे, बरामद भ्रूण भी उसी का है। मगर इससे ज्यादा इस मामले में अभी तक पुलिस के पास गुत्थी सुलझाने को कोई बड़ा सुराग नहीं है।
डीएनए रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि युवती की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष के बीच थी। अब सवाल है कि पुलिस युवती के बाकी अंगों को कब तक तलाश पाती है। वहीं पुलिस का दावा है कि मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा। हत्यारे ने युवती के साथ-साथ भ्रूण की भी हत्या की है। फिलहाल पुलिस की जांच अब सीएफएसएल की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने वारदात के करीब डेढ़ महीने बाद सीएफएसएल को दोबारा रिमाइंडर भी भेजा था। मगर हैरानी की बात है कि पांच महीने बाद भी सीएफएसएल की अब तक इस मामले में रिपोर्ट नहीं मिली है। जिस वजह से पुलिस की जांच भी आगे नहीं बढ़ रही है। मगर डीएनए टेस्ट रिपोर्ट ने पुलिस को जांच के लिए एक दिशा जरूर दी है।
अब तक नहीं मिला शरीर का अन्य हिस्सा
बता दें कि वारदात को करीब पांच महीने बीते गए हैं। इस मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें शहर के थानों समेत मोहाली और पंचकूला के थानों में दर्ज गुमशुदा युवती कि डिटेल खंगाली थी। लेकिन कोई खास सुराग नहीं लगा। जांच में यह बात सामने आई थी कि युवती को मारने के बाद उसके दोनों पैर काटे गए। पुलिस ने कई बार सेक्टर-17 एसबीआई बिल्डिंग के आसपास समेत अन्य जगहों पर सर्च किया लेकिन पुलिस को शरीर का कोई और अंग अब तक नहीं मिला है।
पुलिस ने ऐसे की जांच
- कटे पैर एक इंग्लिश अखबार में लिपटे होने के हर पहलुओं पर जांच की गई।
- पुलिस ने टीम गठित कर शहर के थानों में दर्ज युवती के गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले।
- घटनास्थल का मोबाइल डंप डाटा उठाया गया।
- चंडीगढ़ के अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले गए।
- कटे पैर और भ्रूण मिलने वाली जगह के आसपास चौक और लाइट प्वाइंटों के सीसीटीवी फुटेज खंगाला।
- घटनास्थल वाली जगह को ड्रोन से भी खंगाला।
- बैंककर्मियों समेत आसपास के लोगों से पूछताछ की गई।
अब सीएफएसल रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के अनुसार, सीएफएसएल की रिपोर्ट आमतौर पर 30 से 35 दिन के आसपास आती है। लेकिन लंबे समय तक से सीएफएसएल की रिपोर्ट नहीं आने पर पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद दोबारा रिमाइंडर भेजा था। ताकि रिपोर्ट जल्द आ सके। लेकिन पांच महीने के बाद भी अब तक सीएफएसएल की रिपोर्ट नहीं आ सकी है। हवाला दिया गया था कि कोरोना के वैश्विक महामारी के चलते सीएफएसएल में स्टाफ की कमी होने के कारण रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। पुलिस के अनुसार रिपोर्ट के आने के बाद ही पुलिस को मामले में कुछ और लीड मिल सकती है।
सीएफएसएल रिपोर्ट में इन सवालों के जवाब मिलेंगे
- युवती के पैर को कितने दिन पहले काटे थे।
- क्या पैरों को किसी ठंडी जगह या फ्रिज में कब तक संभाल के रखा गया था।
- पैर को किस हथियार से काटा गया गया था।
यह था मामला
बीते 23 जून की दोपहर सेक्टर- 17 मध्यमार्ग स्थित एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) के बिल्डिंग की पिछली तरफ बने साइकिल ट्रैक पर इंग्लिश अखबार में लिपटा हुआ युवती के दो कटे हुए पैर मिले। आसपास सर्च करने पर एक लिफाफे में बच्ची का भ्रूण भी मिला। सेक्टर- 17 थाना पुलिस ने एसबीआई बैंक मैनेजर अजीत किशोरी की शिकायत पर आईपीसी 318, 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया था।
- डीएनए की रिपोर्ट आई है। भ्रूण उसी युवती का है, जिसका कटा हुआ पैर मिला था। अब सीएफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। मामले की छानबीन की जा रही है। कृष्ण कुमार, डीएसपी सेंट्रल।