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बड़ी राहत: उल्लंघनों की वजह से सीएचबी ने जिनके मकान किये थे रद्द, जून 2021 तक मिला मौका
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है, जिनके मकान उल्लंघनों की वजह से रद्द कर दिए थे और उन्हें खाली करने का नोटिस थमा दिया था। बोर्ड ने अब ऐसे लोगों को 30 जून 2021 तक का समय दिया है कि वे उल्लंघनों को दूर कर लें। इसके अलावा सोमवार को सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।
यूटी प्रशासक के सलाहकार और सीएचबी के चेयरमैन मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दंड योजना (पेनाल्टी स्कीम) को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया है। इसके तहत जुर्माना भरकर लोग पुराने उल्लंघनों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई से बच सकेंगे। नीड बेस चेंज लागू करने के बाद ही यह मामला उठा था कि पुराने उल्लंघनों के संबंध में बोर्ड क्या करेगा, जिसके बाद अगस्त 2019 में यह फैसला लिया गया था कि जिन अलॉटियों ने घरों में जरूरत के अनुसार बदलाव कर रखे हैं, उनमें निर्धारित जुर्माना लेकर 31 दिसंबर 2020 तक कार्रवाई से छूट दी जाएगी। इन्हें नोटिस भी नहीं दिए जा रहे थे। बोर्ड ने इस राहत को आगे बढ़ाने का फैसला लिया था और इस योजना को दिसंबर 2021 तक बढ़ाने के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन प्रशासन ने यह कहते हुए इससे इंकार कर दिया था कि बोर्ड ही खुद इस पर उचित फैसला ले। यही कारण है कि बोर्ड ने बैठक में इस राहत को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया है।
टीन शेड कॉलोनी का पुराना किराया माफ
यूटी प्रशासन सेक्टर-52 और 56 के टीन कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को मलोया में मकान दे चुका है। हालांकि, कई परिवारों ने अभी तक सेक्टर-52 और 56 के जिस शेड में रहते थे, उसका किराया नहीं जमा कराया है। बोर्ड ने उस पर 12 प्रतिशत का ब्याज भी लगाया है। बोर्ड उन पैसों को वसूल पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है, इसलिए उस किराए को अब माफ कर दिया गया है। यह फैसला बोर्ड की बैठक में लिया गया है। हालांकि, जिन लोगों ने समय पर किराया जमा कराया है, उनका पैसा बोर्ड वापस नहीं करेगा। दरअसल, यहां रहने वाले सभी परिवार अब मलोया के स्मॉल फ्लैट में रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से करीब 1700 परिवारों को केंद्र सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत 3000 रुपये प्रति महीने के किराए पर मकान दिए गए हैं। मकान देने के बाद बोर्ड ने सेक्टर-52 और 56 की टीन कॉलोनी को तोड़ दिया है।
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270 संपत्तियों की नीलामी का भी रास्ता साफ, आरक्षित दाम को मंजूरी
सीएचबी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद 270 संपत्तियों की नीलामी करेगा। मंगलवार को बोर्ड की बैठक में इनके आरक्षित दामों को मंजूरी दे दी गई है। नीलामी में आवासीय में 11 लीज होल्ड और 108 फ्री संपत्तियों को रखा जाएगा। ये संपत्तियां मुख्य तौर पर सेक्टर-51, 63, 38 वेस्ट, 39, 61 और मनीमाजरा में हैं। इसके अलावा वाणिज्यिक संपत्तियों में 150 लीज होल्ड संपत्तियों की नीलामी होगी। आरक्षित मूल्य में पिछली बार के मुकाबले 10 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके अलावा एक जनवरी 2004 के बाद सीएचबी में आने वाले कर्मचारियों का बीमा कराया जाएगा। बैठक में बोर्ड के कर्मचारियों के नए सर्विस रेगुलेशन, रिक्रूटमेंट रुल्स अप्रूव कर दिए गए। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि खाली पड़े टेक्निकल पदों पर सीधी भर्ती स्वतंत्र एजेंसी के जरिए जल्द की जाएगी।
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यूटी प्रशासक के सलाहकार और सीएचबी के चेयरमैन मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दंड योजना (पेनाल्टी स्कीम) को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया है। इसके तहत जुर्माना भरकर लोग पुराने उल्लंघनों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई से बच सकेंगे। नीड बेस चेंज लागू करने के बाद ही यह मामला उठा था कि पुराने उल्लंघनों के संबंध में बोर्ड क्या करेगा, जिसके बाद अगस्त 2019 में यह फैसला लिया गया था कि जिन अलॉटियों ने घरों में जरूरत के अनुसार बदलाव कर रखे हैं, उनमें निर्धारित जुर्माना लेकर 31 दिसंबर 2020 तक कार्रवाई से छूट दी जाएगी। इन्हें नोटिस भी नहीं दिए जा रहे थे। बोर्ड ने इस राहत को आगे बढ़ाने का फैसला लिया था और इस योजना को दिसंबर 2021 तक बढ़ाने के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन प्रशासन ने यह कहते हुए इससे इंकार कर दिया था कि बोर्ड ही खुद इस पर उचित फैसला ले। यही कारण है कि बोर्ड ने बैठक में इस राहत को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया है।
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टीन शेड कॉलोनी का पुराना किराया माफ
यूटी प्रशासन सेक्टर-52 और 56 के टीन कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को मलोया में मकान दे चुका है। हालांकि, कई परिवारों ने अभी तक सेक्टर-52 और 56 के जिस शेड में रहते थे, उसका किराया नहीं जमा कराया है। बोर्ड ने उस पर 12 प्रतिशत का ब्याज भी लगाया है। बोर्ड उन पैसों को वसूल पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है, इसलिए उस किराए को अब माफ कर दिया गया है। यह फैसला बोर्ड की बैठक में लिया गया है। हालांकि, जिन लोगों ने समय पर किराया जमा कराया है, उनका पैसा बोर्ड वापस नहीं करेगा। दरअसल, यहां रहने वाले सभी परिवार अब मलोया के स्मॉल फ्लैट में रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से करीब 1700 परिवारों को केंद्र सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत 3000 रुपये प्रति महीने के किराए पर मकान दिए गए हैं। मकान देने के बाद बोर्ड ने सेक्टर-52 और 56 की टीन कॉलोनी को तोड़ दिया है।
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270 संपत्तियों की नीलामी का भी रास्ता साफ, आरक्षित दाम को मंजूरी
सीएचबी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद 270 संपत्तियों की नीलामी करेगा। मंगलवार को बोर्ड की बैठक में इनके आरक्षित दामों को मंजूरी दे दी गई है। नीलामी में आवासीय में 11 लीज होल्ड और 108 फ्री संपत्तियों को रखा जाएगा। ये संपत्तियां मुख्य तौर पर सेक्टर-51, 63, 38 वेस्ट, 39, 61 और मनीमाजरा में हैं। इसके अलावा वाणिज्यिक संपत्तियों में 150 लीज होल्ड संपत्तियों की नीलामी होगी। आरक्षित मूल्य में पिछली बार के मुकाबले 10 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके अलावा एक जनवरी 2004 के बाद सीएचबी में आने वाले कर्मचारियों का बीमा कराया जाएगा। बैठक में बोर्ड के कर्मचारियों के नए सर्विस रेगुलेशन, रिक्रूटमेंट रुल्स अप्रूव कर दिए गए। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि खाली पड़े टेक्निकल पदों पर सीधी भर्ती स्वतंत्र एजेंसी के जरिए जल्द की जाएगी।