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Chandigarh News: बड़ा फैसलाः इस साल 100 इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा सीटीयू
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चंडीगढ़। शहर की सड़कों पर इस साल के अंत तक 100 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की गवर्निंग बॉडी की बैठक में शुक्रवार को 100 नई ई-बसें खरीदने का फैसला हुआ है। इन बसों के आने के बाद चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 180 हो जाएगी, क्योंकि वर्तमान में 80 ई-बसें शहर की सड़कों पर दौड़ रही हैं।सीटीयू के डिपो नंबर-4 की 100 डीजल बसों को सीटीयू इन ई-बसों से रिप्लेस करेगा। विभाग की तरफ से बताया गया कि डिपो नंबर-4 की 100 डीजल बसों की उम्र पूरी होने वाली हैं। वे अपने 14वें साल में चल रही हैं इसलिए सीटीयू इन डीजल की बसों की जगह 100 ई-बसें खरीदेगा। शुक्रवार को गवर्निंग बॉडी ने बसों को खरीदने की मंजूरी दे दी है। अब विभाग की तरफ से बसों के खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कहा कि विभाग की कोशिश है कि इस साल के अंत तक सभी बसों की खरीद की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए, ताकि शहर की सड़कों पर 180 ई-बसें दौड़ने लगें। उन्होंने कहा कि सीटीयू डीजल बसों को ई-बसों से रिप्लेस कर रहा है, बेड़े को बढ़ाया नहीं जा रहा है।
एक साल एक महीने के बाद अपने पंपों से बसों में डीजल भरेगा सीटीयू
सीटीयू ने एक साल एक महीना निजी पंपों से डीजल भरवाने के बाद अब शनिवार से अपने डिपो के अंदर मौजूद पंपों से बसों में डीजल भरने की सुविधा शुरू करेगा। इस संबंध में भी सीटीयू की गवर्निंग बॉडी में फैसला लिया गया है। कारण बताया गया है कि अब बल्क में डीजल के दाम रिटेल के करीब व कम तक पहुंच गए हैं। पंपों तक तेल पहुंचाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और भारत पेट्रोलियम (बीपी) के साथ सीटीयू ने समझौता किया है। तय हुआ है सीटीयू के डिपो नंबर-एक और तीन में आईओसीएल व डिपो नंबर-दो और चार में बीपी की तरफ से तेल पहुंचाया जाएगा। बता दें कि 17 मार्च 2022 को हुए एक फैसले के बाद से सीटीयू रोजाना करीब 450 बसों में करीब 36 हजार लीटर डीजल सेक्टर-34, 43 और 44 के पेट्रोल पंप से डीजल भरवा रहा था।
डीजल भराने के लिए कैसे तीन पंपों का हुआ चयन, चल रही है विजिलेंस जांच
विजिलेंस का आरोप है कि अगर सीटीयू रोजाना 36 हजार लीटर डीजल सिटको या नगर निगम के पेट्रोल पंप से भराता, तो डीजल के पैसे के साथ डीलर्स कमीशन भी प्रशासन के दोनों विभाग के पास आता। आरोप है कि इस तरह से डीजल बाहर से भरवाकर सीटीयू ने प्रशासन का काफी नुकसान कराया है। इस पूरी प्रक्रिया में विजिलेंस को भ्रष्टाचार की भी शिकायत मिली है। हालांकि, विजिलेंस के सवालों का सीटीयू ने भी 15 पेज का जवाब दिया है। कहा कि बल्क से रिटेल में डीजल खरीदने के फैसले के बाद सीटीयू ने करीब 16 करोड़ रुपये बचाए हैं। प्रति लीटर पर पंप ने सीटीयू को 70 पैसे का डिस्काउंट दिया है, जो किसी भी रोडवेज को मिलने वाले डिस्काउंट में सबसे ज्यादा है। इससे सीटीयू ने करीब 54 लाख रुपये बचाए हैं।
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एक साल एक महीने के बाद अपने पंपों से बसों में डीजल भरेगा सीटीयू
सीटीयू ने एक साल एक महीना निजी पंपों से डीजल भरवाने के बाद अब शनिवार से अपने डिपो के अंदर मौजूद पंपों से बसों में डीजल भरने की सुविधा शुरू करेगा। इस संबंध में भी सीटीयू की गवर्निंग बॉडी में फैसला लिया गया है। कारण बताया गया है कि अब बल्क में डीजल के दाम रिटेल के करीब व कम तक पहुंच गए हैं। पंपों तक तेल पहुंचाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और भारत पेट्रोलियम (बीपी) के साथ सीटीयू ने समझौता किया है। तय हुआ है सीटीयू के डिपो नंबर-एक और तीन में आईओसीएल व डिपो नंबर-दो और चार में बीपी की तरफ से तेल पहुंचाया जाएगा। बता दें कि 17 मार्च 2022 को हुए एक फैसले के बाद से सीटीयू रोजाना करीब 450 बसों में करीब 36 हजार लीटर डीजल सेक्टर-34, 43 और 44 के पेट्रोल पंप से डीजल भरवा रहा था।
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डीजल भराने के लिए कैसे तीन पंपों का हुआ चयन, चल रही है विजिलेंस जांच
विजिलेंस का आरोप है कि अगर सीटीयू रोजाना 36 हजार लीटर डीजल सिटको या नगर निगम के पेट्रोल पंप से भराता, तो डीजल के पैसे के साथ डीलर्स कमीशन भी प्रशासन के दोनों विभाग के पास आता। आरोप है कि इस तरह से डीजल बाहर से भरवाकर सीटीयू ने प्रशासन का काफी नुकसान कराया है। इस पूरी प्रक्रिया में विजिलेंस को भ्रष्टाचार की भी शिकायत मिली है। हालांकि, विजिलेंस के सवालों का सीटीयू ने भी 15 पेज का जवाब दिया है। कहा कि बल्क से रिटेल में डीजल खरीदने के फैसले के बाद सीटीयू ने करीब 16 करोड़ रुपये बचाए हैं। प्रति लीटर पर पंप ने सीटीयू को 70 पैसे का डिस्काउंट दिया है, जो किसी भी रोडवेज को मिलने वाले डिस्काउंट में सबसे ज्यादा है। इससे सीटीयू ने करीब 54 लाख रुपये बचाए हैं।
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