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Punjab News: विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएम मान बोले- राज्य हित में सभी सियासी दल एकजुट होकर काम करे

Wed, 15 Feb 2023 12:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 15 Feb 2023 12:09 AM IST
सार

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सुझाव दिया कि विधायकों के ग्रुप बनाकर उन्हें कानूनी सहायकों की सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कदम से विधायकों को अपने सरोकार सदन में पेश करने के लिए आवश्यक दस्तावेज या अन्य संबंधित जानकारी जल्द से जल्द मिल सकेगी।

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Bhagwant Mann said all political parties should work unitedly in the interest of the state
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : @BhagwantMann

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि समय आ गया है जब राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने मतभेद भुलाकर राज्य के हितों की रक्षा के लिए परस्पर मिलकर काम करना चाहिए। मंगलवार को पंजाब विधानसभा में विधायकों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह बेमिसाल पहल विधानसभा के कामकाज में बेहतरीन बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम आने वाले सत्रों के दौरान पंजाब विधानसभा में मानक बहसों और संसदीय कामकाज के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा।

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उन्होंने कहा कि लोगों ने बड़े जनादेश से विधायकों को जिताया है और उन्हें चुने हुए प्रतिनिधियों से बहुत आशाएं हैं। मान ने कहा कि इन आशाओं की पूर्ति तभी हो सकती है, अगर विधायक बहसों और कानून बनाने की प्रक्रिया में सक्रियता से हिस्सा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों द्वारा असरदार ढंग से बहस की तैयारी करना बहुत जरूरी है और सभी विधायकों को सदन में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि जिन कुर्सियों पर आज वह बैठे हुए हैं, इन पर वह महान शख्सियतें भी बैठा करती थीं, जिन्होंने राज्य की तकदीर बदल कर रख दी।
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मुख्यमंत्री ने लोकसभा की तरह विधायकों के लिए भी मेंबर्स रेफरेंस सेवा शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि विधायकों को लोगों के मसले और अधिक प्रभावशाली ढंग से उठाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की राजनीतिक पार्टियां और वहां के लोग अपने राज्यों के साझे कार्यों के लिए एकजुट होते हैं लेकिन पंजाब में इस तरह की एकजुटता नहीं है। मान ने कहा कि राज्य के मसलों का जल्द समाधान करने के लिए राजनीतिक पार्टियों में एकजुटता समय की जरूरत है।

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अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सुझाव दिया कि विधायकों के ग्रुप बनाकर उन्हें कानूनी सहायकों की सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कदम से विधायकों को अपने सरोकार सदन में पेश करने के लिए आवश्यक दस्तावेज या अन्य संबंधित जानकारी जल्द से जल्द मिल सकेगी। बाजवा ने विधानसभा स्पीकर की तरफ से यह सत्र करवाए जाने की तारीफ करते हुए सदन में रचनात्मक कार्यों की वकालत की। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष में तालमेल बहुत जरूरी है, इसे बनाकर रखना चाहिए। उन्होंने अफसरशाही पर तंज करते हुए कहा कि कई अधिकारी कोशिश करते हैं कि उनके मंत्री को सही बात का पता नहीं न लगे अन्यथा अहमियत कम हो जाएगी।

बाजवा ने इस मौके पर मुख्यमंत्री से अपील की जल्दी विधानसभा सत्र का एलान किया जाए ताकि लोगों के मुद्दों पर विचार हो सके और यह सत्र कम से कम 15 दिन का हो। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर का मानना था कि देश की संसद 100 दिन चलनी चाहिए। इसी तरह राज्यों में 40-42 बैठकें होनी चाहिए थी और अब पंजाब में यह घटकर 8-10 दिन रह गई है।


ट्रेनिंग में हिस्सा लेने नहीं पहुंचा विपक्ष
पंजाब विधानसभा में विधायकों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के मंगलवार सुबह उद्घाटन सत्र में जहां सभी राजनीतिक दलों के विधायक मौजूद रहे, वहीं शाम को महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में शुरू हुई विधायकों की ट्रेनिंग के समय विपक्ष के अधिकांश विधायक गैरहाजिर रहे। इतना ही नहीं, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के कुल 92 विधायकों में से भी केवल 86 ही विधानसभा स्पीकर की क्लास में उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान कामकाज संबंधी कार्यप्रणाली समझाने और सिखाने के उद्देश्य से आयोजित इस दो दिवसीय ओरिंटेशन कार्यक्रम में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की थी लेकिन विपक्षी दलों के केवल पांच विधायक ही क्लास में नजर आए। शिअद के तीनों विधायक गैरहाजिर रहे जबकि भाजपा के दो विधायकों में से एक और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 18 में से केवल तीन विधायक ही उपस्थित रहे।

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