बैकफुट पर पंजाब सरकार: जुगाड़ वाहनों पर रोक के फैसले को पलटा, नाराज भगवंत मान ने ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों को तलब कर दिया आदेश
मान सरकार का ये तीसरा फैसला है जिस पर उसे यू टर्न लेना पड़ा है। इससे पहले मुफ्त बिजली में सामान्य वर्ग पर शर्त और कर्ज भुगतान के लिए किसानों को जारी वारंट पर हंगामे के बाद सरकार बैकफुट पर आई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब की भगवंत मान सरकार जुगाड़ वाहनों पर प्रतिबंध के फैसले पर पलट गई है। मुख्यमंत्री ने रविवार को इस आदेश पर नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को तलब कर आदेश वापस लेने का निर्देश दिया। चंडीगढ़ आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में हजारों लोग दिन रात मेहनत कर जुगाड़ वाहन (मोटरसाइकिल रेहड़ी) से अपनी दो जून की रोटी कमाते हैं। इसलिए पंजाब में ये बंद नहीं होने चाहिए।
हमारी सरकार का मकसद सबको रोजगार देना है, किसी का रोजगार छीनना नहीं। भविष्य में इस तरह की कोई चूक नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। 12 बजे बुलाई बैठक में डीजीपी वीके भावरा, एडीजीपी ट्रैफिक और परिवहन सचिव मौजूद रहे। मान सरकार का यह तीसरा फैसला है जिस पर यू-टर्न लेना पड़ा है। इससे पहले मुफ्त बिजली में सामान्य वर्ग पर शर्त और कर्ज भुगतान के लिए किसानों को जारी वारंट पर हंगामे के बाद सरकार बैकफुट पर आई थी।
रोक के फैसले के बाद से सरकार विपक्ष के निशाने पर थी
जुगाड़ वाहनों पर रोक के फैसले के बाद से सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। कांग्रेस और अकाली दल ने फैसला वापस लेने की मांग की थी। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने जुगाड़ वाहनों पर बैन लगाने की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी सकारात्मक कदम उठाए जाने के विपरीत सिर्फ लोगों को नुकसान पहुंचाने के कदम उठा रही है। उन्होंने हजारों ऐसे रेहड़ी चालकों के साथ अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि इसका उनकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और उनकी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि वे हैरान हैं कि सरकार के इस फैसले से क्या फायदा होगा, जबकि इससे कई आम लोगों की रोजी-रोटी खत्म हो जाएगी, जिनका प्रतिनिधि करने का सरकार दावा करती है। शिरोमणि अकाली दल ने सरकार से जुगाड़ रेहड़ी पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को वापस लेने का आग्रह किया था।
शिअद का कहना है कि इस फैसले से हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि जुगाड़ रेहड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उन हजारों लोगों के लिए सदमे जैसा है, जिन्होंने स्वरोजगार के लिए साधन अपनाए हैं। इस तरह से लोग सब्जियां बेच रहे, शहरों में कचरा ढो रहे और विभिन्न चीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए खुद बनाई गई ऐसी सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाकियू फतेह ने जुगाड़ वाहन चालकों के साथ घेरा विस स्पीकर का आवास
पंजाब सरकार ने राज्य भर में जुगाड़ वाहन पर बैन का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धड़ाधड़ चालान काटे। मगर राज्य में विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस भी ले लिया। कटे चालानों को रद्द करवाने और भविष्य में ऐसे फैसले को रोकने की मांग को लेकर रविवार को भारतीय किसान यूनियन एकता फतेह ने जिलेभर के जुगाड़ वाहन चालकों को साथ लेकर गांव संधवां में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की।
भाकियू फतेह के प्रांतीय प्रधान हरजिंदर सिंह व ब्लाक प्रधान शरणजीत सिंह ने कहा कि जब सरकार किसी को रोजगार नहीं दे सकती तो किसी के चल रहे रोजगार को छीनने का भी उन्हें कोई हक नहीं है। लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ आम आदमी पार्टी को आम से खास बनाया है। अगर उन्होंने लोक विरोधी फैसले लेने बंद नहीं किए तो लोग खास से आम बनने में देर नहीं करेंगे। अगर सरकार जुगाड़ वाहन बंद करना चाहती है तो उसे सबसे पहले सभी वाहन चालकों के रोजगार का प्रबंध करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार सुबह कुछ और कहती है, शाम को बयान बदल देती है। सरकार पल्ला झाड़ रही है कि उन्होंने आदेश जारी नहीं किया तो अधिकारी ने किसके कहने पर आदेश जारी किया। 20-20 हजार का चालान काट दिया जबकि 20 हजार का वाहन भी नहीं है। मोटरसाइकिल रेहड़ी चालक यूनियन के प्रधान जसविंदर सिंह समेत अन्य वाहन चालकों ने कहा कि उन्होंने पंजाब में बदलाव लाने के लिए आम आदमी पार्टी की मदद की थी। अगर हमारे रोजगार छीने जा रहे हैं तो हमें बदलाव लाने का क्या फायदा हुआ।