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ऑटो में बैठने से पहले हो जाइए सावधान, इन बातों का रखिए खास ध्यान

Sat, 02 Dec 2017 05:18 PM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 02 Dec 2017 05:18 PM IST
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Beware while travelling in auto rickshaw in chandigarh
चंडीगढ़ में चल रहे ऑटो रिक्शा पर अमर उजाला का स्टिंग आप्रशेन

चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की शह पर शहर में हजारों ऑटो रिक्शा बिना नंबर और मीटर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी इन ऑटो चालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते।

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प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सिर्फ पॉलिसी बनाने तक सीमित हैं। लेकिन इन पॉलिसी को व्यापक तरीके से लागू करने में पुलिस व प्रशासन के अफसर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। हाल ही में इसका खामियाजा शहर में एक 21 वर्षीय युवती को भुगतना पड़ा। जिस ऑटो चालकों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 21 वर्षीय युवती केसाथ गैंगरेप किया। वह ऑटो रिक्शा भी टेम्परेरी नंबर का पाया गया। उस ऑटो रिक्शा का नंबर सीएच 78 (टी) 2740 था।
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शहर में ऐसे करीब एक हजार ऑटो हैं, जोकि बिना परमिट, मीटर, रजिस्ट्रेशन और नंबर के रोजाना चल रहे हैं। वो भी ट्रैफिक पुलिस और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के शह पर। अमर उजाला के संवाददाता ने आज ग्राउंड लेवल पर जाकर इस पर रिएलिटी चेक किया। टेम्परेरी नंबर, बिना मीटर और पासिंग के ऑटो रिक्शा चलाने में पुलिस व एसटीए के अधिकारी ही इन ऑटो रिक्शा चालकों को शह देते हैं। ऑटो रिक्शा चालक इस एहसान की भरपाई प्री पेड ऑटो बूथ पर रोजाना ट्रैफिक पुलिस के नाम पर 10-10 रुपये की पर्ची कटवाकर करते हैं।
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अमर उजाला के स्टिंग आप्रशेन में हुए कई खुलासे
अमर उजाला ने वीरवार को शहर के मुख्य सेक्टरों में जाकर बिना मीटर, टेम्परेरी नंबर, बिना पासिंग व रजिस्ट्रेशन के ऑटो रिक्शा चला रहे लोगों को रिएलिटी चेक किया। सेक्टर-22 की मेन मार्केट में सुबह 11.45 बजे कम से कम 10 ऑटो रिक्शा चालकों को रोक कर सेक्टर-22 से सेक्टर-38 वेस्ट जाने के लिए ऑटो बुक किया। जब ऑटो चालकों को मीटर के हिसाब से सफर करने व किराया देने की बात कही, तो सभी ऑटो में फेयर मीटर नहीं पाए गए। बिना फेयर मीटर के शहर में चल रहे ऑटो चालक पैसेंजर से मुंह मांगे दाम किराए के रूप में वसूल रहे थे।

ऑर्डनरी ऑटो से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें 

Beware while travelling in auto rickshaw in chandigarh
चंडीगढ़ में चल रहे ऑटो रिक्शा पर अमर उजाला का स्टिंग आप्रशेन - फोटो : File Photo
ऑर्डनरी ऑटो से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें 
ऑर्डनरी ऑटो के लिए मीटर, परमिट व लाइसेंस अनिवार्य है। अगर कोई पैसेंजर ऑर्डनरी ऑटो से सफर करता है, तो मीटर के हिसाब से पहले एक किलोमीटर के लिए 14 रुपये और दो या उससे ऊपर किलोमीटर पर सफर करने पर 7 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया रखा गया है। यह रेट सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक लागू होंगे। अगर कोई रात में ऑटो में सफर करता है, तो 25 प्रतिशत नाइट चार्जेज देने पड़ेंगे। आर्डनरी ऑटो के लिए यह नियम बनाए थे। लेकिन शहर में करीब एक हजार ऑटो हैं, जो कि बिना मीटर, परमिट और रजिस्ट्रेशन के टेम्परेरी नंबर पर शहर में चल रहे हैं।

रेडियो ऑटो के लिए कितना देना पड़ेगा किराया
नोटिफिकेशन के मुताबिक रेडियो ऑटो में सफर करने पर पैसेंजर को मीटर के हिसाब से पहले एक किलोमीटर के लिए 15 रुपये और दो किलोमीटर या उससे ऊपर सफर करने पर प्रति किलोमीटर 10 रुपये देने का नियम हैं। रेडियो ऑटो में मीटर अनिवार्य है, लेकिन शहर में 600 के करीब ऐसे रेडियो ऑटो है, जोकि बिना मीटर व टेम्परेरी नंबर पर चल रहे हैं।

एसी व नॉन एसी टैक्सी के किराए में है कितना अंतर
एसी टैक्सी के लिए 23 रुपये पहले किलोमीटर के लिए तय किए गए हैं। वहीं, नॉन एसी टैक्सी के लिए पहले किलोमीटर के लिए 17 रुपये रखा गया है। दूसरे किलोमीटर या उससे ऊपर के लिए प्रति किलोमीटर का किराया 13 रुपये रखा गया है।

किस नियम के तोड़ने पर कितने रुपये का चालान
जुर्म                                          चालान
बिना फेयर मीटर ऑटो                   500 रुपये 
टेम्परेरी नंबर पर ऑटो चलाने पर        3000 रुपये  
बिना परमिट के ऑटो चलाने पर        5000 रुपये
      

रिएलिटी चेक में पकड़े गए ये ऑटो चालक

Beware while travelling in auto rickshaw in chandigarh
वर्ष 2013 में ऑटो रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए नोटिफिकेशन
वर्ष 2013 में चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑटो रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए पॉलिसी बनाकर नोटिफिकेशन जारी की थी। इस रिवाइजड नोटिफिकेशन के मुताबिक मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 67 सब सेक्शन (1) के तहत यूट प्रशासन द्वारा जारी नियमों को लागू करने के निर्देश दिए थे। इस नोटिफिकेशन में एसी टैक्सी, नॉन एसी टैक्सी, रेडियो ऑटो और आर्डनरी ऑटो के लिए पॉलिसी बनाई थी।

एसटीए के पास मौजूद अब तक​ के रजिस्ट्रड ऑटो की गिनती
4000 एलपीजी ऑटो रिक्शा
500  डीजल ऑटो रिक्शा

रूटीन में रोजाना बिना परमिट, फेयर मीटर और बिना लाइसेंस के ऑटो चलाने वालों का चालान किया जा रहा है, जल्द ही ऐसे ऑटो रिक्शा चालकों को इम्पाउंड करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। 
- राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी 
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