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बेअंत हत्याकांड के गवाह का आर्म्स लाइसेंस नहीं हो रहा रिन्यू

Thu, 11 May 2017 09:10 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 11 May 2017 09:10 AM IST
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Beant singh witness license not being renewed
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा जगतार सिंह हवारा - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड का गवाह बलविंदर सिंह उर्फ बिट्टू पंजाब सरकार की बेरुखी से चिंतित है। हालांकि, पंजाब पुलिस के इस जवान की सुरक्षा के लिए हेडकांस्टेबल रैंक के दो गनमैन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन गत 28 फरवरी को एक्सपायर हुआ बलविंदर सिंह का आर्म्स लाइसेंस रिन्यू करने में पंजाब सरकार आनाकानी कर रही है। यही नहीं, बलविंदर सिंह को सरकारी मकान अलाट करने संबंधी मामला भी पंजाब के मुख्य सचिव के पास अटका है। इन दिनों चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रह रहे बलविंदर सिंह को बेअंत सिंह हत्याकांड में गवाही देने के चलते आज भी आतंकियों से खतरा है।
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पंजाब पुलिस ने 2005 में उन्हें आत्मरक्षा के लिए पिस्तौल मुहैया कराई थी, लेकिन बलविंदर का आर्म्स लाइसेंस इस साल 28 फरवरी को एक्सपायर हो जाने के बाद अब तक रिन्यू नहीं किया जा रहा। बुधवार को बलविंदर ने बताया कि वे मोहाली की डीसी से मिले और इस बाबत दरखास्त की, लेकिन उन्होंने भी कोरा आश्वासन दिया है। बलविंदर ने कहा कि वे लाइसेंस रिन्यूवल के लिए तय फीस के सात हजार रुपये भी मार्च में सरकारी खजाने में जमा करा चुके हैं, लेकिन पंजाब सरकार की ओर से यह कहकर उनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जा रहा कि वे अब पंजाब नहीं चंडीगढ़ के निवासी हैं। 
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बलविंदर का कहना है कि उनका स्थायी निवास नया गांव (पंजाब) में है और पंजाब पुलिस ने ही खतरे को भांपते हुए उन्हें नया गांव में नहीं रहने की सलाह दी थी। चंडीगढ़ पुलिस ने शुरुआत में उन्हें अपनी पुलिस लाइन में रिहायश दी, लेकिन जल्दी ही उन्हें पुलिस लाइन से भी जाने के कह दिया गया। मनीमाजरा में रहने के कारण पंजाब सरकार उन्हें चंडीगढ़ निवासी मान रही है, हालांकि उन्हें उपलब्ध कराए गए दोनों सुरक्षाकर्मी पंजाब पुलिस के ही जवान हैं। बलविंदर अपने स्थायी पते नया गांव के आधार पर लाइसेंस रिन्यूवल की मांग कर रहा है। इस बीच, पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि बलविंदर के पते को लेकर मामला अटका है।
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बलविंदर ने दिया था लखविंदर का सुराग

Beant singh witness license not being renewed
पंजाब पुलिस - फोटो : Demo Pic
बलविंदर ने दिया था लखविंदर का सुराग
31 अगस्त, 1995 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय परिसर में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की आतंकियों द्वारा हत्या के मामले में सुराग तलाशती सीबीआई ने जब सूचना देने वाले के लिए 10 लाख रुपये की इनाम राशि का ऐलान किया तो बलविंदर सिंह ने सामने आकर सीबीआई को बताया कि इस कांड में इस्तेमाल की गई अंबेसडर कार को सरकारी गाड़ी की तरह तैयार करने वाला लखविंदर सिंह है।

बलविंदर ने लखविंदर को पकड़वाने में भी मदद की। इस तरह वह इस हत्याकांड में सीबीआई के लिए एक अहम गवाह बन गया। 2005 में पंजाब पुलिस ने बलविंदर को कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति दे दी। फिल्लौर पुलिस ने उसे आत्मरक्षा के लिए एक पिस्तौल भी दिया। उधर, सीबीआई से इनाम के 10 लाख रुपये नहीं मिलने के कारण बलविंदर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला अभी अदालत में लंबित है।

एसपी से रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण बलविंदर का आर्म्स लाइसेंस रिन्यूवल रुका है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, लाइसेंस रिन्यू कर दिया जाएगा।
-गुरप्रीत कौर सपरा, डीसी मोहाली
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