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पार्किंग में पैसे देने के बाद भी सुरक्षित नहीं वाहन
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Aug 2015 02:54 PM IST
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शहर की पेड पार्किंग में खड़ी आपकी गाड़ी सुरक्षित नहीं है। पार्किंग ठेकेदारों की लापरवाही से आपका वाहन यहां से भी चोरी हो सकता है। हर साल पेड पार्किंग से भारी संख्या में वाहनों की चोरी थानों में दर्ज की जा रही हैं।
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नगर निगम नीलामी के जरिए स्कूल, कॉलेज, सेक्टरों व अन्य स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था करती है। शहर के सेक्टर-7, 8, 26, 17, 34, 35 व अन्य सेक्टरों में पार्किंग निजी ठेकेदारों के अधीन है।
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हर साल चोरी होती हैं 700 गाड़ियां
हर साल करीब सात सौ गाड़ियां चोरी होती हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार करीब 40 फीसदी वाहन पार्किंग से चोरी की जाती है। 2014 में 968 गाड़ियां चोरी हुई थीं। इनमें से कई गाड़ियों की शिकायत पेड पार्किंग से चोरी होने की दर्ज करवाई गई। इस साल जून तक करीब चार सौ गाड़ियां चोरी हुईं। इनमें 80 से अधिक गाड़ियां पार्किंग से चोरी हो गईं।
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यूपी भेजे जाते हैं चोरी के वाहन
क्राइम ब्रांच की टीम ने कुछ महीने पहले दो वाहन चोरों हरप्रीत सिंह व अजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों ऑटो लिफ्टर गैंग से संबंधित थे। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे ज्यादातर वाहनों की चोरी पार्किंग से करते थे। पार्किंग वालों द्वारा पर्ची की अनदेखी करने की आदत को वे निशाना बनाते थे। आरोपियों के अनुसार चोरी के वाहन जमाकर बड़ी गाड़ियों में यूपी भेज देते थे।
पैसे लिया और भूल गए
जब भी कोई वाहन लेकर पार्किंग में एंट्री करता है, पार्किंग वाला पैसे लेने को तैयार रहते हैं। उसके बाद वे पर्ची पर कई बार ध्यान नहीं देते। इस लापरवाही का फायदा वाहन चोर उठाते हैं।
आधी ही कीमत की वापस
सेक्टर-34 में काम करने वाले विनोद ने कार्यालय के नीचे कार खड़ी की। जब वे वापस लौटे तो देखा की उनकी कार नहीं है। कार चोरी हो गई थी। उनके पास पार्किंग की पर्ची होने के बावजूद पार्किंग वाला कहासुनी करने लगा। बाद में पुलिस को बुलाने के बाद पार्किंग वाले ने वाहन की आधी कीमत ही चुकाई।
पार्किंग वालों की लापरवाही से पेड पार्किंग से काफी संख्या में वाहन चोरी हो रही है। वाहन पार्किंग के बाद उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पार्किंग ठेकेदार की बनती है। इससे पहले भी कई ठेकेदारों पर मामला दर्ज किया जा चुका है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि उनकी पर्ची में नियम से अलग लाइन न प्रिंट न किया गया हो।
- जगबीर सिंह, डीएसपी क्राइम