{"_id":"5850f8c24f1c1bf05c64a37d","slug":"bawal-due-to-note-ban-on-many-places-people-protest-against-govt-and-banks-at-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी ने करवाया जगह-जगह बवाल, लाइनों में लगे लोग गुस्से से लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी ने करवाया जगह-जगह बवाल, लाइनों में लगे लोग गुस्से से लाल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 15 Dec 2016 09:53 AM IST
विज्ञापन
बैंक में कैश न होने पर रोहतक में विरोध प्रदर्शन करते लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के बाद जिसका डर था वही हुआ। लाइनों में लगे लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। गुस्साए लोगों ने कई जगह बवाल काटा। बैंकों पर ताला जड़ा। पहली घटना रोहतक में महम क्षेत्र के गांव गिरावड़ में सामने आई।
यहां गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार शाम चार बैंक में ताला जड़कर बैंककर्मियों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखे। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को जांच का आश्वासन देकर पुलिस ने ताला खुलवाया और बैंक कर्मचारियों को बाहर निकला।
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच आयकर विभाग से कराई जाए, ताकि बैंककर्मियों की करतूत सामने आ सके। गांव के ग्रामीण बैंक में मंगलवार सुबह से ही ग्रामीणों और बैंक कर्मचारियों के बीच नोक झोंक शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को अधिक रुपये दे रहे हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने बैंक पर शाम चार बजे ताला जड़ दिया।
विज्ञापन
यहां गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार शाम चार बैंक में ताला जड़कर बैंककर्मियों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखे। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को जांच का आश्वासन देकर पुलिस ने ताला खुलवाया और बैंक कर्मचारियों को बाहर निकला।
विज्ञापन
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच आयकर विभाग से कराई जाए, ताकि बैंककर्मियों की करतूत सामने आ सके। गांव के ग्रामीण बैंक में मंगलवार सुबह से ही ग्रामीणों और बैंक कर्मचारियों के बीच नोक झोंक शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को अधिक रुपये दे रहे हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने बैंक पर शाम चार बजे ताला जड़ दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया ताला
बैंक में कैश न होने पर रोहतक में विरोध प्रदर्शन करते लोग
इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और पुलिस के आश्वासन पर ताला खोला गया। ग्रामीण अंकित, रमेश, दयानंद, सतबीर, हरिओम और संदीप आदि ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी उनके खातों में गलत एंट्री कर रहे हैं।
,
ग्रामीणों का कहना है कि उनके खातों में पहले धनराशि जमा की जाती है फिर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस बारे में किसी भी खाताधारक को जानकारी नहीं होती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बैंक कर्मचारी मिलीभगत करके उनके खातों से कालाधन ठिकाने लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह इस संबंध में बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों से पूछते हैं तो कोई सही जवाब नहीं देता है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इस संबंध में हरियाणा बैंक मुख्यालय के प्रबंधक कैलाश खत्री ने बताया कि उनके पास बैंक पर ताला जड़ने या ग्रामीणों के रोष प्रदर्शन की सूचना नहीं है।
,
ग्रामीणों का कहना है कि उनके खातों में पहले धनराशि जमा की जाती है फिर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस बारे में किसी भी खाताधारक को जानकारी नहीं होती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बैंक कर्मचारी मिलीभगत करके उनके खातों से कालाधन ठिकाने लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह इस संबंध में बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों से पूछते हैं तो कोई सही जवाब नहीं देता है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इस संबंध में हरियाणा बैंक मुख्यालय के प्रबंधक कैलाश खत्री ने बताया कि उनके पास बैंक पर ताला जड़ने या ग्रामीणों के रोष प्रदर्शन की सूचना नहीं है।
कैश नहीं मिला तो ग्रामीणों ने बैंक पर जड़ दिया ताला
बैंक में कैश न होने पर रोहतक में विरोध प्रदर्शन करते लोग
बैंक कर्मचारियों पर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाकर भड़के ग्रामीणों ने मंगलवार को अंबाला में नारायणगढ़ के गांव अंबली स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
उल्लेखनीय है कि बीते 23 नवंबर को भी इसी शाखा के बाहर ग्रामीणों ने हंगामा कर ताला जड़ दिया था। नारायणगढ़-सढौरा रोड पर स्थित अंबली गांव में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा है। इसमें आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के लोगों के खाते हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद जब मंगलवार को बैंक खुला तो कैश लेने के लिए खाताधारकों की एक भीड़ एकत्र हो गई।
लोग लाइन में लग कर कैश लेने का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच बैंक के कर्मियों की कार्यशैली ने उन्हें नाराज कर दिया। लाइन में लगे लोगों का कहना है कि बैंक कर्मी सुबह से लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज कर अपने चहेतों को कैश बांटने में जुटे हैं। विरोध करने पर बैंक कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया गया। इससे वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने बैंक के मुख्य गेट को ताला लगाकर बंद कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बीते 23 नवंबर को भी इसी शाखा के बाहर ग्रामीणों ने हंगामा कर ताला जड़ दिया था। नारायणगढ़-सढौरा रोड पर स्थित अंबली गांव में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा है। इसमें आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के लोगों के खाते हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद जब मंगलवार को बैंक खुला तो कैश लेने के लिए खाताधारकों की एक भीड़ एकत्र हो गई।
लोग लाइन में लग कर कैश लेने का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच बैंक के कर्मियों की कार्यशैली ने उन्हें नाराज कर दिया। लाइन में लगे लोगों का कहना है कि बैंक कर्मी सुबह से लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज कर अपने चहेतों को कैश बांटने में जुटे हैं। विरोध करने पर बैंक कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया गया। इससे वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने बैंक के मुख्य गेट को ताला लगाकर बंद कर दिया।
कैश नहीं मिला तो बैंक में बंद कर दिए अधिकारी
बैंक में कैश न होने पर रोहतक में विरोध प्रदर्शन करते लोग
बहादुरगढ़ में मेन बाजार स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में मंगलवार दोपहर बाद जोरदार हंगामा हो गया। रुपये न मिलने से गुस्साए लोगों ने गुस्से में शटर नीचे कर बैंक बंद कर दिया। बैंक में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर जमकर रोष जताया। अंदर फंसे बैंक कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ी रहीं।
मेन बाजार स्थित इस बैंक में मंगलवार सुबह कैश उपलब्ध नहीं था। दोपहर को कैश आया तो कैश बांटा गया, लेकिन दोपहर बाद कैश समाप्त हो गया। बैंक कर्मचारियों ने कैश खत्म होने की सूचना दी तो बाहर काफी देर से खड़े लोगों में रोष पनप गया।
गुस्साई भीड़ ने शाम करीब सवा चार बजे बैंक का शटर नीचे कर कर्मचारियों को भीतर बंद कर दिया। कुछ मिनट तक कर्मचारी भीतर ही बंद रहे। लोगों ने कहा कि रोज-रोज बैंक में आते हैं, लेकिन रुपये नहीं निकाले जाते।
मंगलवार को सुबह कैश नहीं था। पूरा दिन इंतजार किया, लाइन में खड़े रहे। थोड़ी देर कैश बांटने के बाद कहते हैं कि कैश नहीं है। यदि कैश कम आया था तो बाहर खड़े लोगों को पहले ही सूचना दे देनी चाहिए थी।
मेन बाजार स्थित इस बैंक में मंगलवार सुबह कैश उपलब्ध नहीं था। दोपहर को कैश आया तो कैश बांटा गया, लेकिन दोपहर बाद कैश समाप्त हो गया। बैंक कर्मचारियों ने कैश खत्म होने की सूचना दी तो बाहर काफी देर से खड़े लोगों में रोष पनप गया।
गुस्साई भीड़ ने शाम करीब सवा चार बजे बैंक का शटर नीचे कर कर्मचारियों को भीतर बंद कर दिया। कुछ मिनट तक कर्मचारी भीतर ही बंद रहे। लोगों ने कहा कि रोज-रोज बैंक में आते हैं, लेकिन रुपये नहीं निकाले जाते।
मंगलवार को सुबह कैश नहीं था। पूरा दिन इंतजार किया, लाइन में खड़े रहे। थोड़ी देर कैश बांटने के बाद कहते हैं कि कैश नहीं है। यदि कैश कम आया था तो बाहर खड़े लोगों को पहले ही सूचना दे देनी चाहिए थी।