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बैंकों पर बढ़ता बोझ पर, कर्मियों का अभाव
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 Oct 2013 05:03 PM IST
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आल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक आफिसर्स एसोसिएशन अब बैंकों पर बढ़ता बोझ और कर्मचारियों की घटती संख्या को लेकर चिंतित है।
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एसोसिएशन के महासचिव दिलीप साहा ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में बैंकिंग क्षेत्र में नई शाखाओं का प्रसार किया जा रहा है और दूसरी ओर काम के अनुरूप नए कर्मियों की भर्ती नहीं हो रही।
ऐसे हालात में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए आने वाले समय में बैंकिंग सेवाओं का उच्चतम स्तर बनाए रखना चुनौती है।
उन्होंने चंडीगढ़ सेक्टर-17 के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस कहा कि बैंकों ने बड़े स्तर पर ब्रांच नेटवर्क के विस्तार की योजना तैयार की है।
पीएसयू बैंक साल 2013-14 के दौरान देशभर में 20 हजार से अधिक नई शाखाएं खोलने जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बैंकिंग कारोबार में 31 मार्च, 2013 तक ही करीब 42,000 कर्मचारियों की कमी रही और स्टाफ जरूरी बढ़ोतरी किए बिना नई शाखाओं को खोला जा रहा है।
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जिसके चलते पहले ही दबाव में काम कर रहे कर्मियों पर जरूरत से ज्यादा काम लादा जा रहा है। जिससे हालत खराब हो चुकी है।
वर्तमान वित्त वर्ष में पीएनबी ने भी जरूरी कर्मियों की नियुक्ति किए बिना ही बड़े स्तर पर नई शाखाओं को खोलने की शुरुआत कर रखी है।
उन्होंने कहा कि चिंता बैंकिंग क्षेत्र में गैर उत्पादक (एनपीए) संपत्तियों में हो रही बढ़ोतरी है, जिससे बड़े कारोबारी घरानों के दीवालिया होने का परिणाम है।
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उन्होंने सुझाव दिया कि जानबूझ कर दीवालिया होने वाले कॉर्पोरेट घरानों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने चाहिएं।
उन्होंने इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ वेतन संबंधी जारी बातचीत पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बताया कि 11 अक्टूबर, 2013 को मुंबई में बैठक के दौरान आईबीए, इससे पहले की बैठक में दिए गए भरोसे के अनुसार वेतन में बढ़ोतरी संबंधी नए प्रस्तावों को प्रस्तुत करने में नाकाम रही है।