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Chandigarh News: अदा किए एक करोड़ के लोन की बैंक ने नहीं दी एनओसी, 20 हजार का हर्जाना
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चंडीगढ़। लोक अदालत ने एक करोड़ रुपये के लोन को अदा करने के बाद भी ग्राहक को एनओसी न देने पर एक्सिस बैंक पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही अदालत ने बैंक को याचिकाकर्ता ग्राहक को एनओसी भी जारी करने आदेश दिए है। मामले में सेक्टर-20 के रहने वाले पंकज सांगरी ने की ओर से दायर की अर्जी पर अदालत की ओर से यह फैसला सुनाया गया है।
बैंक ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भले ही याचिकाकर्ता ने लोन अदा कर दिया हो। लेकिन एनओसी के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए। उन्होंने अपनी बहन की तरफ से जारी पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी वह वैलिड नहीं थी। मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बैंक पर हर्जाना लगाते हुए एनओसी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता पंकज के वकील गौरव सहोता ने बताया कि उन्होंने बैंक से 1.11 करोड़ रुपये का लोन सेक्टर-21 में स्थित एक कोठी खरीदने के लिए लिया था। लोन में उनके अलावा पिता, मां और पत्नी भी आवेदक थे। लोन की रकम से उन्होंने कोठी का 50 प्रतिशत हिस्सा खरीदा था। इसके बाद बैंक की ओर से लोन की रकम अदा करने के लिए तय की गई किस्तों को वह अदा करते रहे। लेकिन बैंक की ओर से एनओसी जारी करने के बजाय बहाने किए जाने लगे। इसी बीच उनके पिता की मौत हो गई। पंकज ने पिता के निधन के बाद प्रॉपर्टी अपने नाम पर ट्रांसफर करवानी थी। इसके लिए उन्होंने बैंक में पिता का डेथ सर्टिफिकेट दिया। प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए बैंक से एनओसी जरूरी थी। इस पर बैंक की ओर से कहा गया कि उनकी बहन को भी यहां आना होगा। पंकज ने बताया कि उनकी बहन कैनेडा में रहती है और उसका आना मुश्किल है। उन्होंने अपनी बहन की पावर ऑफ अटार्नी बैंक को दिखा दी, फिर भी उन्होंने एनओसी जारी नहीं की। ऐसे में उन्होंने बैंक के खिलाफ परमानेंट लोक अदालत में केस फाइल कर दिया।
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बैंक ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भले ही याचिकाकर्ता ने लोन अदा कर दिया हो। लेकिन एनओसी के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए। उन्होंने अपनी बहन की तरफ से जारी पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी वह वैलिड नहीं थी। मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बैंक पर हर्जाना लगाते हुए एनओसी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता पंकज के वकील गौरव सहोता ने बताया कि उन्होंने बैंक से 1.11 करोड़ रुपये का लोन सेक्टर-21 में स्थित एक कोठी खरीदने के लिए लिया था। लोन में उनके अलावा पिता, मां और पत्नी भी आवेदक थे। लोन की रकम से उन्होंने कोठी का 50 प्रतिशत हिस्सा खरीदा था। इसके बाद बैंक की ओर से लोन की रकम अदा करने के लिए तय की गई किस्तों को वह अदा करते रहे। लेकिन बैंक की ओर से एनओसी जारी करने के बजाय बहाने किए जाने लगे। इसी बीच उनके पिता की मौत हो गई। पंकज ने पिता के निधन के बाद प्रॉपर्टी अपने नाम पर ट्रांसफर करवानी थी। इसके लिए उन्होंने बैंक में पिता का डेथ सर्टिफिकेट दिया। प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए बैंक से एनओसी जरूरी थी। इस पर बैंक की ओर से कहा गया कि उनकी बहन को भी यहां आना होगा। पंकज ने बताया कि उनकी बहन कैनेडा में रहती है और उसका आना मुश्किल है। उन्होंने अपनी बहन की पावर ऑफ अटार्नी बैंक को दिखा दी, फिर भी उन्होंने एनओसी जारी नहीं की। ऐसे में उन्होंने बैंक के खिलाफ परमानेंट लोक अदालत में केस फाइल कर दिया।
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