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हरियाणा: लंपी बीमारी के कारण पशुओं को एक से दूसरे जिले में लाने और ले जाने पर रोक, आठ जिलों में धारा 144 लागू
Sun, 21 Aug 2022 12:31 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 21 Aug 2022 12:31 AM IST
सार
लंपी बीमारी से 8 जिले प्रभावित हैं। 30225 पशु संक्रमित पाए गए हैं, इनमें 16939 पशु स्वस्थ हैं। मुख्य सचिव ने बीमारी की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर जुटने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को प्रभावित पशुओं का डाटा हर रोज अपडेट करने के आदेश दिए गए हैं।
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Lumpy skin disease
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए हरियाणा सरकार ने पशुओं को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने पर भी रोक लगा दी है। पशु मेलों और पशुओं की बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक लगाई गई। संबंधित जिलों में डीसी ने धारा 144 लगा दी है। मुख्य सचिव संजीव कौशल ने शनिवार को सभी उपायुक्तों और प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक कर युद्ध स्तर पर टीकाकरण करने के आदेश दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि 60 फीसदी टीकाकरण हो चुका है। सोमवार तक प्रदेश में 100 फीसदी टीकाकरण हो जाएगा। इसके बाद पांच लाख डोज और उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि संक्रमित पशुओं को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए अतिरिक्त स्थान का चयन जल्द किया जाए ताकि स्वस्थ पशुओं में इस बीमारी का प्रभाव न पड़े। कौशल ने अधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये आदेश दिए कि बीमारी के कारण भय का माहौल पैदा न होने दें।
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पशुपालन विभाग नागरिकों को अवगत कराएं कि लंपी स्किन बीमारी से संक्रमित गायों का दूध भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बशर्ते दूध को उबालकर ही इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि 8 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रदेश में 30225 पशु संक्रमित में हैं।
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मरे हुए पशुओं का निस्तारण पशुपालन विभाग द्वारा तय तरीके से ही करें
मुख्य सचिव ने कहा कि मृत पशुओं का निस्तारण पशुपालन विभाग द्वारा तय तरीके से किया जाए। इसके लिए 8 से 10 फुट का गड्ढा खोद कर पशुओं को दबाएं। संक्रमित पशुओं के शव को खुले में न छोड़ें।
टीकाकरण के लिए गो-सेवा आयोग व गो-रक्षकों का लें सहयोग
मुख्य सचिव ने कहा कि पशुओं में वैक्सीनेशन करने के लिए गो-सेवा आयोग व गो-रक्षकों का सहयोग भी लिया जाए। इसके अलावा लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार के विद्यार्थियों आदि का सहयोग लिया जाए।
किसानों के लिए दिशा-निर्देश करें जारी
विशेषज्ञों के मुताबिक यह रोग जानवरों से इंसानों में नहीं फैलता है, इसलिए बिना किसी डर के अपने जानवरों की देखभाल करें। प्रभावित जानवरों को अन्य जानवरों से अलग करें।
आठ जिले प्रभावित
मुख्य सचिव ने बताया कि सबसे अधिक 8 जिले यमुनानगर, अंबाला, करनाल, सिरसा, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, कैथल और पंचकूला प्रभावित हुए हैं। अभी तक 2419 गांवों में 30225 पशु संकमित हुए हैं। इनमें से 16939 पशु स्वस्थ हो चुके हैं और 211 की मृत्यु हुई है। वर्तमान में 13265 सक्रिय मामले हैं। प्रदेश में 19 लाख 32 हजार पशुधन हैं। इनका टीकाकरण किया जाएगा।
जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने के आदेश
अधिकारियों को प्रभावित पशुओं का डाटा हर रोज अपडेट करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा जिन पशुओं की मौत हो रही है, उसका आंकड़ा भी तत्काल अपडेट करने को कहा गया है। साथ ही, वैक्सीनेशन की उपलब्धता और मांग की जानकारी भी पोर्टल पर रोजाना अपडेट की जाए।