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लाॅरेंस ऑफ पंजाब पर लगी रोक हटी: नाम, पोस्टर व ट्रेलर से हटेंगे लारेंस और ये शब्द, हाईकोर्ट ने आदेश किया रद्द
Tue, 12 May 2026 09:56 AM IST
Naveen
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Tue, 12 May 2026 09:56 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने जी एंटरटेनमेंट को निर्देश दिए कि संशोधित नाम और नई प्रचार सामग्री का प्रस्ताव अदालत के समक्ष पेश किया जाए। केंद्र सरकार ने पहले डॉक्यूमेंट्री पर यह कहते हुए रोक लगाई थी कि इसकी प्रस्तुति से कुख्यात अपराधी लारेंस बिश्नोई की छवि का अप्रत्यक्ष प्रचार हो सकता है।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चर्चित डॉक्यूमेंट्री लाॅरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार के प्रतिबंध आदेश को रद्द करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री रिलीज की जा सकती है, लेकिन इसके शीर्षक, पोस्टर और ट्रेलर में गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई या पंजाब शब्द का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं होगा।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डॉक्यूमेंट्री की सामग्री का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया पूरी फिल्म में ऐसी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, जिसके आधार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। अदालत ने माना कि सरकार की मुख्य आपत्ति फिल्म के शीर्षक और प्रचार सामग्री को लेकर है, जिससे अपराधी के महिमामंडन और पंजाब की छवि प्रभावित होने की आशंका बन सकती है।
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कोर्ट ने कहा कि किसी अपराधी की पहचान को व्यावसायिक आकर्षण के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, खासकर तब जब उसका सामाजिक प्रभाव भी जुड़ा हो। इसी आधार पर अदालत ने फिल्म पर लगी रोक हटाई, लेकिन ब्रांडिंग और प्रचार सामग्री में बदलाव अनिवार्य कर दिया।
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हाईकोर्ट ने जी एंटरटेनमेंट को निर्देश दिए कि संशोधित नाम और नई प्रचार सामग्री का प्रस्ताव अदालत के समक्ष पेश किया जाए। केंद्र सरकार ने पहले डॉक्यूमेंट्री पर यह कहते हुए रोक लगाई थी कि इसकी प्रस्तुति से कुख्यात अपराधी लारेंस बिश्नोई की छवि का अप्रत्यक्ष प्रचार हो सकता है। वहीं, निर्माता पक्ष का कहना था कि डॉक्यूमेंट्री अपराध और उसके सामाजिक प्रभाव को दिखाने के उद्देश्य से बनाई गई है।