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पटाखों पर प्रतिबंध : प्रशासन के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे पटाखा विक्रेता
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के यूटी प्रशासन के आदेश को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। शनिवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कई बैठकें कीं। एसोसिएशन के सदस्यों के अनुसार, सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रशासन के आदेश को खारिज करने की मांग की जाएगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन को अगर पटाखों पर प्रतिबंध ही लगाना था तो पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी क्यों किए गए। इससे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। 24 अक्तूबर को डीसी ऑफिस की तरफ से पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस को आवेदन मांगे गए। पहले ही दिन करीब 400 पटाखा विक्रेताओं ने आवेदन किया। इसके लिए लोग लाइन में लगे रहे। अगर चंडीगढ़ प्रशासन को कोरोना के फैलने का इतना ही डर था तो आवेदन ऑनलाइन क्यों नहीं मंगवाए गए। प्रशासन संपर्क सेंटर पर भी यह आवेदन आमंत्रित कर सकता था लेकिन लोगों को डीसी ऑफिस बुलाया गया। जहां पर एक बार में 100 से ज्यादा लोग लाइन में लगे रहे और पटाखे के लाइसेंस के लिए अपना फॉर्म भरा।
पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार ने एनजीटी में अपना जवाब दाखिल कर स्पष्ट रूप से कह दिया है कि पंजाब में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में चंडीगढ़ में पूर्ण प्रतिबंध लगाने का कोई फायदा नहीं होगा। बता दें कि पटाखों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर एनजीटी 9 नवंबर को सुबह साढ़े 10 बजे फैसला सुनाएगा। दूसरी ओर पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई ऐसी स्टडी नहीं है, जिससे साफ हो सके कि पटाखों के इस्तेमाल के बाद कोरोना केस और बढ़ेंगे। ऐसे में अब 9 नवंबर को आने वाला एनजीटी का फैसला यह साफ करेगा कि पंजाब में पटाखों पर रोक लगेगी या नहीं।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन को अगर पटाखों पर प्रतिबंध ही लगाना था तो पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी क्यों किए गए। इससे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। 24 अक्तूबर को डीसी ऑफिस की तरफ से पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस को आवेदन मांगे गए। पहले ही दिन करीब 400 पटाखा विक्रेताओं ने आवेदन किया। इसके लिए लोग लाइन में लगे रहे। अगर चंडीगढ़ प्रशासन को कोरोना के फैलने का इतना ही डर था तो आवेदन ऑनलाइन क्यों नहीं मंगवाए गए। प्रशासन संपर्क सेंटर पर भी यह आवेदन आमंत्रित कर सकता था लेकिन लोगों को डीसी ऑफिस बुलाया गया। जहां पर एक बार में 100 से ज्यादा लोग लाइन में लगे रहे और पटाखे के लाइसेंस के लिए अपना फॉर्म भरा।
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पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार ने एनजीटी में अपना जवाब दाखिल कर स्पष्ट रूप से कह दिया है कि पंजाब में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में चंडीगढ़ में पूर्ण प्रतिबंध लगाने का कोई फायदा नहीं होगा। बता दें कि पटाखों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर एनजीटी 9 नवंबर को सुबह साढ़े 10 बजे फैसला सुनाएगा। दूसरी ओर पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई ऐसी स्टडी नहीं है, जिससे साफ हो सके कि पटाखों के इस्तेमाल के बाद कोरोना केस और बढ़ेंगे। ऐसे में अब 9 नवंबर को आने वाला एनजीटी का फैसला यह साफ करेगा कि पंजाब में पटाखों पर रोक लगेगी या नहीं।
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